मुंबई। मालाड-पश्चिम स्थित अक्सा बीच पर शुक्रवार दोपहर समुद्र में उतरा १७ वर्षीय माजिद खान लहरों में लापता हो गया। घटना दोपहर करीब ३.५३ बजे आईएनएस हमला और शीतला देवी मंदिर के बीच समुद्री क्षेत्र में हुई। मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, १०८ एंबुलेंस और नौसेना के गोताखोरों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में अभियान रोकना पड़ा।
यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अक्सा बीच की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मनपा के समुद्र तट सुरक्षा दस्तावेज में अक्सा-दाना पानी क्षेत्र को ‘असुरक्षित’ बताया गया है। यहां तेज रिप करंट समुद्र तल में अचानक बढ़ती गहराई और लहरों के साथ खिसकती रेत पानी में उतरे व्यक्ति को भीतर खींच सकती है। एक अध्ययन के अनुसार, वर्ष २००६ से २०१८ के बीच अक्सा बीच पर ४७ लोगों की मौत हुई, जबकि ४४५ लोगों को डूबने से बचाया गया। इसके बावजूद समुद्र तट पर सुरक्षा व्यवस्था हादसों को रोकने में पर्याप्त प्रभावी दिखाई नहीं देती।
सवाल यह है कि खतरे के लिए चिह्नित समुद्री क्षेत्र तक किशोर वैâसे पहुंच गया? घटना के समय वहां कितने लाइफगार्ड मौजूद थे? क्या जोखिम वाले हिस्से को रस्सियों या बैरिकेड से बंद किया गया था और क्या लोगों को समुद्र में जाने से रोकने के लिए नियमित उद्घोषणा की जा रही थी? केवल चेतावनी बोर्ड लगाकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं मान सकता।
पांच वर्षों में कम-से-कम चार समुद्री घटनाएं
२७ जून २०२१ से २७ जून २०२६ के बीच उपलब्ध समाचार और सार्वजनिक रिपोर्टों में अक्सा बीच पर डूबने अथवा समुद्र में फंसने की कम से कम चार बड़ी घटनाएं दर्ज हैं। इन घटनाओं में ३१ लोगों को बचाया गया या वे स्वयं सुरक्षित बाहर निकले, एक किशोर की मौत हुई और एक किशोर लापता हुआ।
– वर्ष २०२२ में भुसावल से आया एक परिवार समुद्र में फंस गया था। परिवार के सभी १२ सदस्यों को लाइफगार्ड ने बचाया। वर्ष २०२३ में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से १९ लोग फंस गए थे। इनमें १० को लाइफगार्ड ने बचाया, जबकि नौ लोग स्वयं बाहर निकल आए।
– वर्ष २०२५ में १३ वर्षीय मयंक ढोलिया रिप करंट में फंस गया था। करीब पांच घंटे की तलाश के बाद उसका शव बरामद हुआ। अब वर्ष २०२६ में १७ वर्षीय माजिद खान के लापता होने की घटना सामने आई है।
– दिसंबर २०२१ में अक्सा बीच परिसर में जन्मदिन मनाने आए युवकों की एसयूवी पलटने से एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी। हालांकि, यह डूबने की घटना नहीं थी, लेकिन इसे शामिल करने पर पिछले पांच वर्षों में समुद्रतट परिसर में कम से कम पांच बड़े हादसे सार्वजनिक रिपोर्टों में दर्ज मिलते हैं।
