मुख्यपृष्ठधर्म विशेषजीवन दर्पण :  मन की एकाग्रता के लिए शिवजी को रोज जल...

जीवन दर्पण :  मन की एकाग्रता के लिए शिवजी को रोज जल चढ़ाएं

डॉ. बालकृष्ण मिश्र
काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिर्विद
विद्यावारिधि (पी.एच.डी-काशी)

गुरुजी, मेरी राशि क्या है? मेरा मन एकाग्र नहीं रहता, जिससे करियर कमजोर हो रहा है। कृपया कोई उपाय बताएं।
-आरव कौशल गुप्ता
(जन्म: २५ सितंबर २००८, प्रात: ७:०० बजे, मऊ, उत्तर प्रदेश)
आरव जी, आपका जन्म गुरुवार, पुष्य नक्षत्र चतुर्थ चरण में हुआ है। आपकी राशि कर्क बन रही है, जिसका स्वामी चंद्रमा है। आपकी कुंडली में चंद्रमा केतु के साथ लाभ भाव में बैठा है। चंद्रमा मन का कारक है और केतु के साथ होने से मन भटकता है, एकाग्रता में बाधा आती है। पंचम भाव में राहु और ११वें भाव में चंद्र-केतु की युति से महापद्म कालसर्प योग भी बन रहा है। इस योग के कारण परिश्रम से ही सफलता प्राप्त करेंगे। वहीं देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि से छठे भाव में बैठे हैं और चतुर्थ व सप्तम भाव के स्वामी हैं। मन को एकाग्र करने के लिए प्रतिदिन शिवजी को जल अर्पित करें। वैदिक विधि से कालसर्प योग की शांति कराएं, क्योंकि यह योग कुंडली में स्पष्ट है। वर्तमान में बुध की महादशा और शनि का अंतर चल रहा है। शनि पंचम भाव का स्वामी है, जो शिक्षा का भाव है। इसलिए शिक्षा प्रभावित है और मेरिट औसत रह रही है। कालसर्प शांति के बाद शिक्षा सुधरेगी और करियर भी बेहतर होगा। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड बनवाएं।
गुरुजी, मेरी शिक्षा कैसी होगी और मेरी राशि क्या है?
-अनंत संदीप गुप्ता
(जन्म: १० दिसंबर २०१३, रात्रि ८:५५ बजे, दिल्ली)
अनंत जी, आपका जन्म मंगलवार को हुआ है। राशि मीन है और लग्न कर्क है। कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा भाग्य भाव में बैठकर आपको भाग्यशाली बना रहा है। पंचम भाव में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बना है, जिससे आप बुद्धिमान होंगे और शिक्षा अच्छी रहेगी। इस समय मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इसके शुभ फल के लिए रोज हनुमान चालीसा का ३ बार पाठ करें और हनुमान जी के दर्शन करें। इससे शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर होंगी। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड बनवाएं।
गुरुजी, मेरी शिक्षा कैसी होगी और मेरी राशि क्या है?
-मान्या त्रिपाठी
(जन्म: २२ अप्रैल २०१०, दिन ११:०० बजे, भदोही, उत्तर प्रदेश)
मान्या जी, आपका जन्म गुरुवार, पुष्य नक्षत्र चतुर्थ चरण में हुआ है। राशि और लग्न दोनों कर्क हैं। लग्न में चंद्रमा स्वराशि में है और दशम व पंचम भाव के स्वामी मंगल नीच के होकर लग्न में बैठकर लक्ष्मी योग बना रहे हैं। संकेत है कि जन्म के बाद पिता का कार्यक्षेत्र बढ़ा होगा या परिवार में जमीन-जायदाद खरीदी गई होगी। लग्न में मंगल होने से कुंडली मांगलिक भी है। शिक्षा बहुत अच्छी होगी। सूर्य उच्च राशि में बुध के साथ बैठकर बुधादित्य योग बना रहे हैं, जिससे आप बुद्धिमान और भाग्यशाली होंगी। लेकिन कुंडली में महापद्म कालसर्प योग भी है, जिसके कारण दुष्ट मित्रों की संगति और धोखे की संभावना है। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड बनवाएं।

अन्य समाचार