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मुंबई के दरवाजे तक आईएसआईएस का नेटवर्क!

– आखिर कब जागेगी सरकार?

-पड़घा में युवाओं को बनाया जा रहा कट्टरपंथी

सामना संवाददाता / मुंबई

ठाणे जिले के पड़घा में कथित आईएसआईएस मॉड्यूल स्थापित करने के मामले में विशेष एनआईए अदालत द्वारा छह आरोपियों पर आरोप तय किया जाना केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यहां युवाओं को कट्टरपंथी बनाया गया, गोपनीय बैठकें और शारीरिक प्रशिक्षण आयोजित हुए तथा संवेदनशील स्थानों की रेकी की गई।
२०२३ में भी सामने आया था आईएसआईएस मॉड्यूल
यह कोई अकेला मामला नहीं है। वर्ष २०२३ में सामने आए पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल में एनआईए ने कई आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
आईईडी बनाने का भी लिया था प्रशिक्षण
ठाणे जिले के पड़घा में कथितआईएसआईएस मॉड्यूल नेटवर्क से जुड़े लोगों ने धन जुटाया, हथियार और विस्फोटक सामग्री प्राप्त करने का प्रयास किया तथा ठिकानों की पहचान और आईईडी बनाने का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर से जुड़े मामले में भी कथित विदेशी हैंडलर, ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रचार और युवाओं की भर्ती की साजिश सामने आई। एक आरोपी पर ५० से अधिक स्थानीय युवाओं को व्हाट्सऐप समूह में जोड़ने का आरोप लगाया गया। पडघा-बोरिवली प्रकरण की जांच में कथित तौर पर हथियारों की खरीद, प्रशिक्षण, अवैध धन जुटाने और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की परतें भी सामने आई हैं। इन मामलों से प्रश्न उठता है कि यदि कट्टरपंथी गतिविधियां महीनों तक चल रही थीं, बैठकें हो रही थीं और युवाओं को जोड़ा जा रहा था

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