मुख्यपृष्ठनए समाचारप्रदूषण जांच के नाम पर बढ़ी वसूली!

प्रदूषण जांच के नाम पर बढ़ी वसूली!

 -पीयूसी शुल्क में हुआ इजाफा
-दोपहिया ६०, पेट्रोल कार १५० और डीजल वाहन के लिए १८० रुपए हुआ शुल्क

जेदवी / मुंबई

महाराष्ट्र में पीयूसी जांच महंगी होने के बाद वाहन चालकों की नाराजगी सामने आने लगी है। परिवहन विभाग की ओर से नई दरें लागू किए जाने के बाद अब वाहन चालकों को हर बार पीयूसी बनवाने के लिए पहले से अधिक रकम चुकानी पड़ रही है। महंगाई के बीच बढ़े इस अतिरिक्त खर्च को लेकर वाहन मालिकों में सवाल उठ रहे हैं।
नई दरों के अनुसार, दोपहिया और स्कूटर के लिए पीयूसी शुल्क ६० रुपए, पेट्रोल से चलने वाले तिपहिया वाहनों के लिए १२० रुपए, जबकि पेट्रोल कार, सीएनजी और एलपीजी वाहनों के लिए १५० रुपए तय किए गए हैं। डीजल वाहनों के पीयूसी शुल्क में ३० रुपए की बढ़ोतरी की गई है और अब इसके लिए १८० रुपए देने होंगे।
विभाग ने सभी पीयूसी केंद्रों को नई दरें परिसर के बाहर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करने वाले केंद्रों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों और फ्लाइंग स्क्वॉड के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
हालांकि, शुल्क बढ़ाने के बाद अब असली सवाल पीयूसी जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर है। वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के साथ यदि सरकार ने शुल्क बढ़ाया है तो पीयूसी केंद्रों की निगरानी और जांच व्यवस्था भी उसी अनुपात में सख्त करना जरूरी होगा।
शुल्क बढ़ा, व्यवस्था पर निगरानी कितनी?
पीयूसी केंद्र संचालकों की ओर से लंबे समय से शुल्क बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसके बाद परिवहन विभाग ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर अन्य राज्यों में लागू दरों का अध्ययन कराया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर नई दरें लागू की गई हैं।

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