रोहित माहेश्वरी / लखनऊ
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर फिर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एफआईआर के बिना एसआईटी ‘बिना तीर की कमान’ है। सपा चीफ ने कहा कि जब अभी खुलासे हो ही रहे हैं तो एसआईटी की जांच क्या हासिल कर लेगी और खासतौर से तब जब ये ‘जांच’ से ज्यादा ‘ढांक’ के लिए बनी है या फिर ‘बांट’ के लिए। उन्होंने कहा कि अब दान में दिए गए ‘कागभुसुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय खबर आई है। जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है और सनातनी आस्थावानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाकी बॉर्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे आरोपी फरार न हो सकें।
राजभवन में ‘ऑपरेशन बदलाव’ की सुगबुगाहट!
यूपी की गर्वनर आनंदी बेन पटेल को बदले जाने की चर्चा अचानक शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि गर्वनर के तौर पर वे १० साल पूरे करने जा रही हैं। यूपी में ही उनको सात साल होने जा रहे हैं। उससे पहले वे मध्य प्रदेश की राज्यपाल थीं। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वे गुजरात की मुख्यमंत्री बनी थीं। वहां से हटने के थोड़े दिन बाद वे गर्वनर बनीं। अगले साल उत्तर प्रदेश और गुजरात दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में उनके बदलाव की चर्चा अनायास तो नहीं हो सकती है। कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार के किसी बड़े मंत्री को सरकार से हटाया जाएगा और उनको सांत्वना के तौर पर उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनाया जाएगा। लेकिन आनंदी बेन पटेल का क्या होगा? क्या उनके गुजरात लौटने से वहां की राजनीति में एक नया शक्ति केंद्र नहीं बनेगा? यूपी के अलावा कुछ और राज्यों में राज्यपाल बदले जाने की चर्चा है।
