-राम मंदिर चोरी का मुद्दा अंजाम तक पहुंचाए बिना नहीं छोड़ेंगे
-अयोध्या और काशी विश्वनाथ के सामने भी करेंगे आंदोलन
सामना संवाददाता / नागपुर
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के विरोध में कल नागपुर में रामरक्षा का पाठ और महाआरती की जोरदार गूंज रही। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में रामभक्तों और शिवसैनिकों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां जनसमूह की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरों और उन्हें संरक्षण देनेवालों पर जोरदार हमला बोला। रामरक्षा का पाठ करने की सलाह देनेवाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी उद्धव ठाकरे ने निशाना साधा।
राम मंदिर में चोरी के मुद्दे ओर शिवसेना के दूसरे चरण के इस आंदोलन में महाआरती के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चोरी कोई एकमात्र घटना नहीं है। केदारनाथ और बद्रीनाथ में भी चोरी हुई है। उज्जैन में जमीन घोटाला हुआ, अयोध्या में जमीन घोटाला हुआ। अयोध्या में मंदिर के नाम पर सस्ती जमीन खरीदकर उसकी कीमत कई गुना बढ़ाकर ट्रस्ट को बेची गई। भाजपा के इस काम के कारण रामभक्तों को स्वयं भगवान राम की रक्षा करने की नौबत आ गई है, यह हिंदुओं का दुर्भाग्य है। भाजपा जिस तरह से व्यवहार कर रही है, उसे देखकर लगता है कि इनमें श्रीराम की नहीं, बल्कि शैतान की आत्मा प्रवेश कर गई है।
एसआईटी केवल दिखावा है?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर चोरी मामले में गठित एसआईटी केवल दिखावा है। यह एक नाटक है। यदि इस मामले का सच सामने लाना है तो इसकी जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति से कराई जाए। निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से काम करने वाले अभय ओक जैसे न्यायाधीश की नियुक्ति की जाए। तब ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा।
दल तोड़े जा रहे हैं और अब मंदिरों की तिजोरियां तोड़ी जा रही हैं!
उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से सवाल किया कि भाजपा जिस तरह से काम कर रही है, पहले पेपर लीक हो रहे हैं, फिर राजनीतिक दल तोड़े जा रहे हैं और अब मंदिरों की तिजोरियां तोड़ी जा रही हैं। क्या ऐसा ही हिंदू राष्ट्र आप चाहते थे? उन्होंने आगे कहा कि यदि भाजपा के विधानसभा अध्यक्ष लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान देते हैं और फिर भी मोहन भागवत को कुछ महसूस नहीं होता, तो उनका हिंदुत्व ढोंग है। हमारे हिंदू राष्ट्र में रामराज्य चाहिए, शिवशाही चाहिए। हमारा हिंदू राष्ट्र गरीबों और विद्यार्थियों को न्याय देनेवाला होना चाहिए। ठेकेदारों को संरक्षण देने वाला हिंदू राष्ट्र हमें स्वीकार नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मोहन भागवत ने हिंदुओं से दो से तीन बच्चे पैदा करने की बात कही थी। बच्चे पैदा करके क्या करेंगे? उन्हें भी इसी तरह मरने के लिए मजबूर कर देंगे?
राम मंदिर आपके बाप की जागीर नहीं है!
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के उस कथित बयान पर, जिसमें कहा गया था कि जिनकी श्रद्धा सच्ची नहीं थी, उन्हीं के पैसे चोरी हुए और जिन्हें पैसे वापस चाहिए, उन्हें दिए जाएंगे, उद्धव ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आपके बाप की जागीर नहीं है। हम भी रामभक्त हैं।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस आंदोलन का निमंत्रण हमने सभी को दिया था। देवेंद्र फडणवीस और मोहन भागवत को भी बुलाया था। कांग्रेस के लोग भी मेरे साथ हैं। यहां केवल रामभक्त मौजूद हैं, भाजपा का कोई नेता नहीं है। फिर हिंदुत्व किसने छोड़ा है? उन्होंने कहा कि अब जनता को ही न्यायाधीश बनने का समय आ गया है। दुनिया के हर हिंदू को न्यायाधीश बनकर मंदिर चोरी के मामले का न्याय करना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शब्दों का खेल मत खेलिए। मुझे रामरक्षा स्तोत्र भले ही नहीं आता हो, लेकिन मुझे भगवान राम की रक्षा करना आता है। आपको रामरक्षा का पाठ आता है, इसका मतलब यह नहीं कि आपकी चोरी माफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हम रामरक्षा आंदोलन शुरू कर रहे हैं। चोरों, बीच में मत आओ। यह लड़ाई रामभक्तों और राम मंदिर के चोरों के बीच है। देवेंद्र फडणवीस और मोहन भागवत को बताना चाहिए कि वे रामभक्तों के साथ हैं या चोरों के साथ।
ऐसे नीच शासक नहीं देखे, अब भाजपा- मुक्त राम चाहिए!
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमें भाजपा-मुक्त राम चाहिए। भाजपा-मुक्त राम आंदोलन की यह शुरुआत है। यह लड़ाई केवल मुंबई और नागपुर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव-गांव और हर बस्ती तक पहुंचेगी। हम पीछे हटनेवाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीति लोगों का उपयोग कर छोड़ देना है। अब तो उन्होंने भगवान श्रीराम को भी छोड़ दिया है। ऐसे नीच शासक पहले कभी नहीं हुए।
और कितनी बलि के बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा
उद्धव ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को दबाने के कथित प्रयासों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा का सुशासन और प्रशासन से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। सरकार ठीक से परीक्षाएं नहीं करा पा रही है और न ही आंदोलनों को सही तरीके से संभाल पा रही है। जिस तरह भाजपा सरकार निर्दयता और क्रूरता के साथ युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है, वह बेहद शर्मनाक है। यदि सरकार को सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की इतनी चिंता थी तो उसे पहले ही उनसे बातचीत करनी चाहिए थी।
उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आखिर धर्मेंद्र प्रधान में ऐसी क्या खास बात है कि इतनी गलतियों के बावजूद उनका इस्तीफा नहीं लिया जा रहा? आखिर कितनी और जानें जाने के बाद सरकार उनका इस्तीफा लेगी? सोनम वांगचुक को अदालत के आदेश के आधार पर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के पुलिस के दावे पर भी उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्रवाई वास्तव में अदालत के आदेश के अनुसार हुई है तो पुलिस को वह आदेश सार्वजनिक करना चाहिए। कार्यक्रम में शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत, सचिव अनिल देसाई सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
