अमिताभ श्रीवास्तव
अभी मामला थमा नहीं है। मैच के बाद जिस तरह से बेलिंगहैम ने बारको को थप्पड़ मारा था वो विवादित बना हुआ है। अब बारको की खूबसूरत पत्नी ने इंग्लैंड के इस खिलाड़ी को बेकार बताया है। जी हां, वैलेंटीन बारको की पत्नी ने जूड बेलिंगहैम को ‘बेकार’ करार दिया है और कहा कि छह गोल करने वाले इंग्लैंड के हीरो को मैदान पर ही अपनी बात कहनी चाहिए थी। मॉडल और इन्फ्लुएंसर याज जुआरेगुई ने उस क्षण की एक तस्वीर पोस्ट की, जब रियल मैड्रिड के स्टार ने उनके प्रेमी के कान पर एक थप्पड़ मारा। जुआरेगुई ने एक गर्वपूर्ण पोस्ट में कहा: ‘मैदान पर प्रदर्शन करना ही बेहतर है।’ उसने अपने संदेश का अंत ‘मुएर्टो’ कहकर किया, जिसका अंग्रेजी में शाब्दिक अनुवाद ‘मृत’ होता है, लेकिन जिस संदर्भ में उसने इसे लिखा था, उसमें यह ‘बेकार’ के अधिक करीब माना गया। कुछ सोशल मीडिया फॉलोअर्स द्वारा आलोचना किए जाने के बाद, जुआरेगुई ने अपनी मूल पोस्ट हटा दी, लेकिन अपने साथी के बचाव में यह कहते हुए अपनी बात पर अड़ी रही कि ‘मुझे नहीं पता था कि अचानक आप गोल का जश्न नहीं मना सकते, लेकिन आप एक हिंसक व्यक्ति का समर्थन कर सकते हैं।” अगर इतना रोना ही है तो कोई दूसरा खेल खेलने लग जाओ। आपका दिन शुभ हो।’ बारको की पत्नी की पोस्ट वायरल हो गई है और संभावना है कि यह बात बेलिंगहैम तक भी पहुंची हो। उधर अर्जेंटीना के खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए फॉकलैंड के बैनर को डोनाल्ड ट्रंप ने गलत नहीं माना है, इस तरह फीफा के लिए भी मामला बड़ा पेचीदा हो गया है।
कमेंट्रीबॉक्स में कोर्ट की सुंदरी
यूजीनी बुचार्ड को जानते होंगे टेनिस देखने वाले, जानते क्या उसकी तस्वीरें दीवारों पर चिपकाई गई होंगी क्योंकि वो है ही इतनी सुंदर। बुचार्ड विंबलडन की पूर्व फाइनलिस्ट रही है और अब कमेंट्री बॉक्स संभालती है। पिछले दिनों विंबलडन कोर्ट पर भी वो उतरी थी और अपनी खूबसूरती का परिचय देते हुए कुछ शॉट्स खेले। इतने भर से उसके इंस्टा पर फॉलोअर्स की भीड़ उमड़ पड़ी। बीबीसी की यह ग्लैमरस कमेंटेटर ऑल इंग्लैंड क्लब में चल रहे मैच के दौरान स्टूडियो में अपनी उपस्थिति से सभी को प्रभावित कर चुकी है। ३२ वर्षीय बुशार्ड विंबलडन की पूर्व फाइनलिस्ट हैं और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान खेल पर अपनी राय दी। लेकिन वह एक बार फिर से टेनिस की सफेद पोशाक पहनने के निमंत्रण का विरोध नहीं कर सकीं। इससे हुआ यह कि इंस्टाग्राम पर अब उसके २.२ मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हो गए। विंबलडन तो खत्म हो चुका है, मगर इसकी यादें अभी भी कायम है। बुशार्ड को इस साल कमेंट्री बॉक्स का अनुभव मिला। पिछले साल टेनिस से संन्यास लेने के बाद यह विंबलडन में उनकी पहली वापसी थी। जिसका उसने तो पूरा लुत्फ उठाया ही साथ ही उसके प्रशंसको के लिए भी यह सुखद रहा। आज भी बुचार्ड लोगों के दिलों पर राज करती है। फॉलोअर्स कहते हैं कि वो भले ही टेनिस से संन्यास ले चुकी है, मगर टेनिस को कवर करती है, यह देखना ही काफी है।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)
