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पूर्वांचल को मिली बड़ी शैक्षणिक सौगात…अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से तैयार होंगे विद्यार्थी

-प्रो. बजरंग त्रिपाठी सैनिक स्कूल में प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ

आजमगढ़ : प्रो. बजरंग त्रिपाठी सैनिक स्कूल में प्रथम शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर तथा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नए सत्र की शुरुआत की। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सैनिक स्कूल की स्थापना पूर्वांचल के लिए बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि है। इससे ग्रामीण एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में सफल बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित नागरिक बनाना है। विद्यालय के चेयरमैन डॉ. कृष्ण मोहन त्रिपाठी ने कहा कि संस्थान में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कारों और सैन्य अनुशासन पर विशेष जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों की शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, बौद्धिक विकास और चरित्र निर्माण के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। अतिथियों ने विद्यालय परिसर, उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं और अनुशासित वातावरण की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह संस्थान पूर्वांचल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सेना, प्रशासन और विभिन्न राष्ट्रीय सेवाओं के लिए तैयार करने वाला प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बनेगा। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में स्थापित प्रो. बजरंग त्रिपाठी की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से आवरण हटाकर प्रतिमा का लोकार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शैक्षणिक, सामाजिक तथा राष्ट्रसेवा से जुड़े योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि यह प्रतिमा विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और समाजसेवा की प्रेरणा देती रहेगी। अनावरण के समय उपस्थित शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय नागरिक भावुक नजर आए। पूरे परिसर में उत्साह और गौरव का वातावरण रहा तथा सभी ने प्रो. त्रिपाठी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

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