-अचानक ब्रेक लगाने से चोटिल होते हैं लोग
द्रुप्ति झा । मुंबई
बस में यात्रा करते समय, यात्रियों को हमेशा सावधान रहना चाहिए क्योंकि शहर से लगातार बेस्ट बस चालकों की मनमानी करने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जैसे कि लापरवाही से गाड़ी चलाना, बिना सोचे-समझे ब्रेक लगाना या यात्रियों की बात न सुनना और सबसे बड़ी समस्या यात्रियों के बस में चढ़ने या उतरने तक बेस्ट बस के चालक द्वारा बस को रोका नहीं जाता है। इसकी शिकायते लगातार पिछले कुछ दिनों से यात्रियों द्वारा की जा रही हैं। अभी हाल ही में अंधेरी ईस्ट, एम आय डीसी से अंधेरी स्टेशन की ओर जाने वाली बस नंबर ४१५ के बस चालक को लेकर एक बुजुर्ग महिला ने शिकायत की थी। जहां पर महिला बस का इंतजार करते हुए बस स्टॉप पर रुकी थी और जब बस आई तो महिला चढ़ने लगी, लेकिन महिला के चढ़ने से पहले ही बस चालक ने बस को आगे बढ़ा दिया जिस वजह से महिला को जल्दबाजी में बस में चढ़ना पड़ा और महिला लड़खड़ा कर नीचे गिरने से बच गई। इस दृश्य को देखते हुए बस में बैठे बाकी सभी यात्रियों का भी बस चालक पर गुस्सा फूटा लोगों ने चालक को ऐसा नहीं करने का सुझाव दिया, गुस्से में चालक ने कहा हमें हमारा सफर तय करना होता है हम ज्यादा नहीं रुक सकते, चढ़ना है तो चढ़े। सफर तय करना, इसका मतलब यात्रियों के जान के साथ खिलवाड़ किया जाएगा।
बुजुर्गों के साथ करते है बहस
कुछ बस चालक यात्रियों के प्रति असंवेदनशील और रूखा व्यवहार करते हैं, जो यात्रा को तनावपूर्ण बना रहा है। बीते बुधवार को कांदिवली ईस्ट बस डिपो से २७८ नंबर की बस ठाकुर विलेज की ओर जाने वाली आई, लाइन से सब यात्री बस में चढ़ ही रहे थे कि अचानक एक ७० साल के बुजुर्ग के साथ बस कंडक्टर तू-तू मैं-मैं करने लग गया। वजह …..बुजुर्ग ने कंडक्टर से टिकट देने के लिए कहा और कंडक्टर ने कहा, छूट्टे पैसे दो नहीं तो नहीं दूंगा टिकट और लगातार १० मिनिट तक उस बुजुर्ग व्यक्ति के साथ बहस करता रहा, जिस वजह से बुजुर्ग की बस छूट गई, जबकि कंडक्टर के पास पहले से ही छूट्टे पैसे थे। उसके बाद भी कंडक्टर ने बुजुर्ग व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार किया। अक्सर यात्रियों की शिकायत के बाद भी ये स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे चालकों और कंडक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है जिस वजह से इनकी मनमानी बढ़ती जा रही है।
बस की छत से गिरता पानी
यात्री रेखा जैन ने कहा एक तो बस का भाड़ा भी बढ़ाया, उसके बाद भी हमें बस के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। हम आम जनता कोई भी टैक्स अपनी सुविधा के लिए पे करते हैं लेकिन वो हमें कभी नहीं मिलती है। बस की संख्या कम है, बस का मेंटेनेंस भी समय पर ठीक से नहीं किया जाता है जिस वजह से बारिश में पानी बस की छत से गिरते रहता है, ऊपर से यात्रियों के साथ बेस्ट बस चालक और कंडक्टरों की दादागीरी। बहुत दुर्भाग्य है कि दिन प्रति दिन बेस्ट बस की हालत खराब होती जा रही है।
