सामना संवाददाता / मुंबई
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कई वर्षों से धर्म, राष्ट्रीय अस्मिता और खोखले राष्ट्रवाद का इस्तेमाल अपनी सत्ता की राजनीति के लिए किया है। इनका हिंदुत्व अन्य धर्मों से नफरत फैलाने वाला है और इसी नफरत की राजनीति पर भाजपा अपनी सत्ता की रोटियां सेंक रही है। भाजपा ने अब अपने देवताओं और दैवतों का अपमान करने का सिलसिला भी शुरू किया है। देवी-देवताओं का कॉर्पोरेटाइजेशन कर वह जनता की अस्मिता और आस्था के साथ खेल रही है। अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन में स्टेशन ‘छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस’ का नाम अब कोटक छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस कर दिया है। इसी तरह सिद्धिविनायक मेट्रो स्टेशन का नाम आईसीआईसीआई लोम्बार्ड सिद्धिविनायक कर दिया गया है। इसी कड़ी में महालक्ष्मी स्टेशन का नाम एचडीएफसी लाइफ और आचार्य अत्रे स्टेशन का नाम निप्पॉन इंडिया एमएफ कर दिया गया है। इस मामले में विपक्षी दल कांग्रेस ने हमला करते हुए कहा कि यह हमारी अस्मिता और श्रद्धा के साथ किया गया घोर अपमान है। भाजपा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को इस पर जवाब देना चाहिए।
इसे लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सचिन सावंत ने कड़ी नाराजगी जताई है। सावंत ने कहा कि भाजपा ने फर्जी हिंदुत्व को अब कॉर्पोरेट हिंदुत्व में बदलकर हिंदू समाज की भावनाओं को बेचने का खेल शुरू किया है। यह गंभीर आरोप कांग्रेस ने लगाया है। मीडिया से बात करते हुए सावंत ने कहा कि भाजपा का नकली हिंदुत्व अब पूरी तरह कॉर्पोरेट बन चुका है। पैसे के लिए उन्होंने अपने देव, आराध्य दैवत और महापुरुषों का अपमान किया है। उन्होंने सवाल किया जो लोग छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लेकर राजनीति करते हैं, उन्हें क्या महाराज के नाम के आगे ‘कोटक’ लगाना मंजूर है? कांग्रेस और महाराष्ट्र की स्वाभिमानी जनता यह अपमान कभी सहन नहीं करेगी, ऐसा चेतावनी भरा बयान सावंत ने दिया।
पंडित नेहरू का नाम हटाया
भाजपा को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और महात्मा गांधी से एलर्जी हो गई है। तभी तो वर्ली के पास मेट्रो स्टेशन का नाम नेहरू साइंस सेंटर से नेहरू नाम और संजय गांधी नेशनल पार्क स्टेशन से संजय गांधी नाम हटा दिया।
ध्यान भटकाने के लिए नामकरण
जब किसानों, मजदूरों, महिलाओं और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दे सामने हैं, तब भाजपा सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए नामकरण की राजनीति में जुटी है। भाजपा ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज, पैâजाबाद का नाम अयोध्या, दिल्ली के राजपथ का नाम कर्तव्यपथ और रेसकोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग कर दिया।
