मुख्यपृष्ठनए समाचारभाजपा बिगाड़ेगी सीएम का `सियासी गेम'!

भाजपा बिगाड़ेगी सीएम का `सियासी गेम’!

-नीतीश-शाह की २० मिनट की मीटिंग के बाद भी सीएम फेस क्लीयर नहीं

-मोदी सरकार के दो केंद्रीय मंत्रियों ने दिए बड़े संकेत

बिहार में चुनावी हलचल तेज है। एनडीए और महागठबंधन में सीटों का बंटवारा हो गया। वैंâडिडेट अब नामांकन करा रहे हैं। जनता के बीच वोट की गुहार लगा रहे हैं। उधर सबको इस बात का इंतजार है कि १४ नवंबर को किसकी सरकार बनेगी? एनडीए अगर चुनाव जीतता है तो क्या नीतीश कुमार ही सीएम बन पाएंगे? यह भी अब डाउट ही है। नीतीश कुमार सीएम बन पाएंगे या नहीं, यह सस्पेंस है। इसकी वजह है एनडीए नेताओं के बयान, जिससे एनडीए में सीएम पद को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है।
बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार दौरे पर हैं। उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पटना में मुलाकात की। अमित शाह और नीतीश की यह मीटिंग करीब २० मिनट तक चली। इस दौरान चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। हालांकि अमित शाह ने अभी तक मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी तरह का खुलासा नहीं किया है। यही वजह है कि एनडीए में सीएम पद को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है।
बता दें कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। मगर जीतने के बाद वही मुख्यमंत्री बन पाएंगे, ऐसा बिल्कुल नहीं दिख रहा। भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बयानों ने सीएम नीतीश को लेकर सस्पेंस और गहरा दिया है। कुछ दिन पहले ही एक कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि बिहार में एनडीए की सरकार तो बनेगी ही, मगर नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बनना चुनाव परिणाम आने के बाद तय होगा। वहीं, दूसरा संकेत गृहमंत्री अमित शाह ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के सवाल पर कहा कि चुनाव के बाद विधायक दल ही पैâसला करेगा। सीएम फेस के सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, `मैं किसी को मुख्यमंत्री बनाने वाला कौन होता हूं, इतनी सारी पार्टियों का गठबंधन है। चुनाव के बाद जब बैठेंगे, विधायक दल के नेता बैठेंगे और अपना नेता तय कर लेंगे।
भाजपा अपना चेहरा लाएगी?
अमित शाह और नितिन गडकरी के बयानों से सस्पेंस बढ़ गया है कि क्या सच में चुनाव जीतने के बाद भी नीतीश कुमार सीएम रह पाएंगे? एनडीए ने यह तो साफ कर दिया कि चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर ही लड़ा जा रहा है, मगर परिणाम के बाद सीएम फेस पर बदलाव संभव भी हो सकता है। बहरहाल, चुनाव परिणाम १४ नवंबर को आने हैं, तब तक सस्पेंस बरकरार रहेगा। क्या नीतीश फिर से सीएम बनेंगे या भाजपा अपना चेहरा लाएगी? बिहार की सियासत में यह सवाल गरमाया रहेगा। बिहार में दो चरणों में चुनाव है। पहले चरण की वोटिंग ६ नवंबर तो दूसरे चरण की वोटिंग ११ नवंबर को है। चुनाव परिणाम १४ नवंबर को आएंगे।

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