मुख्यपृष्ठस्तंभदिल्ली लाइव: ना अयोध्या के लाल को छोड़ा ना ही महाकाल को!

दिल्ली लाइव: ना अयोध्या के लाल को छोड़ा ना ही महाकाल को!

अरुण कुमार गुप्ता

हिंदुस्थान के लोगों को अच्छे दिन के सपने दिखाकर सत्ता में आए भाजपाइयों ने भ्रष्टाचार और लूट में रिकॉर्ड बना लिया है। इन्होंने ना तो अयोध्या के लाल यानी भगवान श्री राम को छोड़ा है और ना ही उज्जैन के महाकाल को। ताजा मामला मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल से जुड़ा है, जिन्होंने २०२८ में सिंहास्थ महाकुंभ की तैयारी के तहत उज्जैन में नए रोड, नई आवासीय कॉलोनियां, नए कमर्शियल प्रोजेक्ट की तैयारी की है, लेकिन मजे की बात यह है कि १३ दिसंबर २०२३ को मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। तब से लेकर अब तक महज ३ साल में मोहन यादव, उनका परिवार, उनके रिश्तेदार, उनकी रियल इस्टेट कंपनी ने उज्जैन में १३७ प्लाट खरीदे जो १६८ एकड़ में है। जमीन खरीदने वालों में पत्नी सीमा, बेटा वैभव, बहू शालिनी, चचेरा भाई निलेश व उसकी पत्नी, दूसरा चचेरा भाई गोविंद उसका परिवार, दूसरा सगा भाई नारायण, नंदलाल, बहन कलावती, भतीजा व बहन रेखा भी शामिल हैं। मोहन यादव मुख्यमंत्री से पहले शिक्षा मंत्री थे। उस समय इन्होंने ८५ एकड़ जमीन खरीदी थी और परिवार ने ८२ एकड़ जमीन। २०२१ से पहले मोहन यादव उज्जैन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष थे। कमाल की बात तो यह है कि यह जमीन उन इलाकों में है, जिन्हें शहरीकरण का ज्यादा फायदा मिल रहा है। मतलब मोहन ने मन मुताबिक शहरीकरण का प्लान बनाया है और वहां की जमीनों को खरीद लिया, वह भी कौड़ी के भाव में। ऐसे में हम यह कर सकते हैं कि यह प्रेरणा मोहन यादव को मोदी जी से मिली होगी। क्योंकि इस तरह का काम मोदी जी प्रधानमंत्री बनने के साथ ही ‘राष्ट्रीय सेठ’ के लिए करते आ रहे हैं।
ईडी का केस कूड़ेदान में!
दिल्ली की सत्ता में जब से मोदी सरकार आई है, तभी से सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किस तरह किया जा रहा है, किसी से छुपा नहीं है। विपक्षी नेताओं या फिर सरकार से सवाल पूछने वाले मीडिया हाउस को ईडी के जरिए परेशान करने की खबरें अक्सर आती रहती हैं। इसी कड़ी में २०२३ में मीडिया हाउस न्यूज क्लिक पर ईडी ने छापेमारी की। बताया यह गया कि न्यूज क्लिक को चीन से फंडिंग होती है। यही नहीं गोदी मीडिया ने भी न्यूज क्लिक को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए खूब खबरें चलार्ईं। न्यूज क्लिक के मालिक प्रवीण परकायस्थ को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। वे सात महीने जेल में रहे। गत दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रवीण और न्यूज क्लिक की ईसीआईआर यानी एनफोर्समेंट केस इनफॉरमेशन रिपोर्ट को भी रद्द कर दिया। सीधे शब्दों में कहें तो कोर्ट ने केस को कूड़ेदान में फेंक दिया। यही नहीं ईडी पर सख्त टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस केस को जारी रखना कानूनी प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है। असल में न्यूज क्लिक वो मीडिया हाउस है जो मोदी सरकार से सवाल पूछता था। यही बात मोदी सरकार को हजम नहीं हुई कि कोई जिल्ले इलाही से वैâसे सवाल कर सकता है। इसी तरह की हवा खड़ा करके ईडी ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित २३ लोगों को जेल में डाल दिया था। इस केस में सुप्रीम कोर्ट के जज संजीव खन्ना ने जो पैâसला दिया, उससे सभी लोग वाकिफ हैंै।

अन्य समाचार