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डबल इंजिन का डबल स्टैंडर्ड … भगवान राम के साथ भी महायुति की ‘ठगी’! …रामलीलाओं के साथ फडणवीस सरकार का भेदभाव

-मुंबई में रात १० बजे की पाबंदी कायम; दिल्ली में १२ बजे तक छूट
– रामलीला मंडलों में भारी नाराजगी
सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदुत्व का दम भरनेवाली महायुति सरकार का डबल स्टैंडर्ड सामने आया है। सरकार के इस डबल स्टैंडर्ड से जहां एक तरफ मुंबई की रामलीला समितियों के पदाधिकारी आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इनमें भारी नाराजगी है। रामलीला समितियों के पदाधिकारियों का कहना है कि जब दिल्ली में रामलीला मंचन की रात १२ बजे तक अनुमति मिल सकती है तो मुंबई जैसे शहर में क्यों नहीं?
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों नवरात्रि उत्सव का समापन हुआ, उससे पहले गणेशोत्सव हुआ। इन दोनों आयोजनों के लिए सरकार ने कोई बंदिश नहीं लगाई, उल्टे गरबा और डांडिया रास के अंतिम तीन दिनों के लिए रात १२ बजे तक की अनुमति दे दी, जबकि रामलीलाओं के लिए रात १० बजे तक की ही अनुमति देने पर सवाल उठना लाजिमी है। रामलीलाओं के लिए रात १० बजे तक की ही अनुमति एक तरह से अन्यायपूर्ण कही जाएगी।

रामलीला के मंचन पर
सरकारी हिटलरशाही!

मुंबई में कई रामलीला समितियां रामलीला का मंचन करती हैं, इनमें प्रमुख रूप से गिरगांव में आदर्श रामलीला समिति, आजाद मैदान में साहित्य कला मंच, आजाद मैदान में ही महाराष्ट्र रामलीला समिति, बोरीवली में आदर्श रामलीला समिति के अलावा क्रॉटनग्रीन में श्री आदर्श रामलीला उप समिति की ओर से भव्य रामलीला मंचन का आयोजन किया जाता है। रामलीला आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए लोगों में धार्मिक जागरूकता और सद्भावना पैदा की जाती है। रामलीला मंचन का कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण और धार्मिक माहौल में संपन्न होता है। इससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की कोई आशंका नहीं रहती है। इसके बावजूद सरकार द्वारा समय प्रतिबंधित करना पूरी तरह से हिटलरशाही है।
समय की बंदिश अर्थहीन
एक तरफ सरकार मुंबई में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों को २४ घंटे चालू रखने के लिए जीआर जारी करती है, दूसरी ओर रामलीला जैसे धार्मिक आयोजन के लिए समय की बंदिश लगाती है, जो पूरी तरह से अर्थहीन और अन्यायपूर्ण है।

महायुति सरकार का डबल स्टैंडर्ड पूरी तरह से अन्यायपूर्ण हैं। हिंदुत्व का दंभ भरनेवाली यह सरकार एक तरफ तो गरबा और डांडिया रास को रात १२ बजे तक की अनुमति देती है, दूसरी तरफ रामलीला जैसे सनातनी कार्यक्रम के लिए रात १० बजे तक की ही अनुमति अर्थहीन है। जब दिल्ली सरकार रात १२ बजे तक रामलीलाओं के लिए अनुमति दे सकती है तो महाराष्ट्र सरकार क्यों नहीं।
-राधेश्याम मिश्रा,
(अध्यक्ष, श्री आदर्श रामलीला समिति)

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