मुख्यपृष्ठस्तंभजीवन दर्पण : पीपल की करें परिक्रमा जीवन की समस्याएं होंगी दूर

जीवन दर्पण : पीपल की करें परिक्रमा जीवन की समस्याएं होंगी दूर

 डॉ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, मेरा विवाह तय होने में अड़चनें आ रही हैं, उपाय बताएं?
आशीष श्रीकांत पांडे
(जन्म- ४ अगस्त १९९५, समय- प्रात: ६:४१ बजे, स्थान- वाराणसी)
आशीष जी, आपका जन्म शुक्रवार के दिन स्वाति नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है और आपकी राशि तुला बन रही है। लग्न के आधार पर अगर हम देखें तो सिंह लग्न में आपका जन्म हुआ है और सिंह लग्न का स्वामी सूर्य आपकी कुंडली में १२वें भाव पर शुक्र एवं बुध के साथ बैठा है। लग्न भाव का स्वामी यदि १२वें भाव पर बैठता है तो जीवनसाथी का चयन करने और करियर बनाने में परेशानी आती है। यदि राशि के आधार पर हम देखें तो आपकी राशि पर शनि की ढैया का भी प्रभाव चल रहा है और शनि आपकी कुंडली में सप्तम भाव का स्वामी हो करके अष्टम भाव में बैठा है। इसी कारण संबंध स्थापित नहीं हो पा रहा है। यदि महादशा के आधार पर हम देखें तो शनि की महादशा में शुक्र का अंतर और शुक्र के अंतर में शनि का प्रत्यंतर होने से १ दिसंबर, २०२५ के बाद अच्छा रिश्ता आएगा। आप ४३ दिनों तक ‘ॐ पिप्लाश्रय संस्थिताय नम:’ मंत्र बोलकर पीपल की परिक्रमा करें और परिक्रमा के बाद थोड़ी शक्कर जमीन पर जरूर गिरा दें। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।
गुरुजी, मैं बेहद परेशान हूं। मेरा कोई काम नहीं बन रहा?
– अमरजीत कुमार सिंह
(जन्म- २१ मार्च १९८९, समय- रात १९:११ बजे, स्थान- रांची, झारखंड)
अमरजीत जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन कन्या लग्न में हुआ है और आपकी राशि सिंह बन रही है। आपकी कुंडली में १२वें भाव पर चंद्रमा के साथ केतु बैठने से केमद्रुम नामक योग बना हुआ है। महादशा के आधार पर अगर हम देखें तो राहु की महादशा चल रही है, जिस कारण आपका कोई काम बन नहीं रहा है। इसके लिए आप पीपल के पेड़ की परिक्रमा करने के साथ ही आटे की गोलियां बनाकर किसी तालाब या नदी में मछलियों को खिलाएं तो निश्चित ही आपका काम धीरे-धीरे बनने लगेगा। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।
गुरुजी, मेरा स्वास्थ्य और मेरी शिक्षा कैसी होगी?
– मानसी सुर्वे
(जन्म- ३ अक्टूबर २०१८, समय- दिन में १.१५ बजे, स्थान- मुलुंड, मुंबई)
मानसी जी, आपका जन्म बुधवार के दिन पुनर्वसु नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है और आपकी राशि मिथुन बन रही है। धनु लग्न में आपका जन्म हुआ है और १२वें भाव का स्वामी मंगल उच्च राशि का हो करके आपकी कुंडली में द्वितीय भाव पर बैठा है। द्वितीय भाव का स्वामी शनि मार्वेâश होकर आपकी कुंडली में लग्न में बैठा है। इसी कारण बाल्यावस्था में आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा होगा, लेकिन वर्तमान समय में अगर हम देखें तो बृहस्पति की महादशा समाप्त हो रही है और शनि की महादशा प्रारंभ हो रही है। आपकी कुंडली में कुलिक नामक कालसर्प योग भी बना हुआ है। इस कारण आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। स्वास्थ्य को अनुकूल बनाने के लिए कुलिक नामक कालसर्प योग की पूजा करवाएं। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड बनवाएं।

‘जीवन दर्पण’ कॉलम के तहत यदि आप अपने बारे में कुछ जानना चाहते हैं तो अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान के साथ अपना सवाल व्हाट्सऐप नंबर ९२२२०४१००१ पर लिख भेजें।

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