सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र बांस औद्योगिक नीति 2025 को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। यह नीति सतत औद्योगिक विकास, ग्रामीण रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी।
राज्य कृषि मूल्य आयोग के अध्यक्ष पाशा पटेल के लगातार प्रयासों से यह नीति लागू हुई है। राज्य में 15 बांस औद्योगिक क्लस्टर बनाए जाएंगे, एंकर यूनिट्स और सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) स्थापित होंगे। 2025–30 के लिए 1,534 करोड़ रुपये और 20 वर्षों के लिए 11,797 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। बांस उद्योगों को ब्याज, बिजली व स्टांप ड्यूटी में छूट मिलेगी, साथ ही 300 करोड़ रुपए का वेंचर कैपिटल फंड भी बनाया गया है। थर्मल पावर प्लांट्स में 5–7% ईंधन बांस बायोमास से बदला जाएगा। पाशा पटेल ने कहा, “जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बांस ही एकमात्र रास्ता है। महाराष्ट्र ने मानवता की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है।
