मुख्यपृष्ठस्तंभमैथिली व्यंग्य : चुनावमे उपजल‌ नेता

मैथिली व्यंग्य : चुनावमे उपजल‌ नेता

डॉ. ममता शशि झा मुंबई
चुनावी बिगुल बजिते मनोहर लाल जी के मोन गद्गद् भे जाए छलनि, कतेको चुनाव आ नेता के नब्ज बुझि गेल छलखिन ‘जिम्हरे खीर तिम्हरे बैसी फीर’ बला जुमला पर विश्वास करई छला। सुनकर आदर्श ओ नेता सब छलखिन जे हर बेर अपन बहुमत लेल दल बदलि लइत छला आ ने ते गठबंधन के लेल पार्टी!! एव्हरी थिंग इज फेयर इन लव्ल एंड वारमे ओ एंड चुनाव शब्द जोड़ि लेने छलाह। पढ़ल-लिखल आ प्रबुद्ध वर्गक छलाह आ अपना गाम आ पड़ोसमे चर्चित सेहो आ छोटका नेता सबहक प्रिय, कियेक त हुनकामे एकटा बड़का गुण छलनि जे कतबो भीड़-भाड़ कियेक ने हो एकदम सटीक फोटो खिचबाब अबई छलनि आ ओहि फोटो के नीक जकाँ प्रदर्शन सेहो कर अबई छलनि, कियेक त जे देखाई छई से बिकाई छई बला जुमला बुझल छलनि। हर चुनाव के समयमे पार्टी बदलल देखि के जँ क्यो प्रश्न क दई छलनि जे ‘की अहु बेर दल बदलि देलियई त अप्पन बड़प्पन करईत ओकरा जबाब दई छलखिन जे’ हम सिद्धांतक राजनीति करई छी ने‌ बाऊ, जाहि सिद्धांत लेल पछिला दल सँ जुड़ल रही हुनकर सिद्धांत बदलि गेलनि तो हमहुँ दल बदलि लेलहुँ।’ बोल बचन में भारी!!
लोको सब हुनकर सिद्धांत के बुझि गेल छलखिन। आ देखई छलखिन जे हर चुनाव के बाद हुनकर संपतिमे होअ बला वृद्धि के!!!
हर बेर पछिला दल के नेता के विरोधी दल के नेता के सब मिटिंगमे जाके ओकरा दलक नेता सब संगे हेमछेम बढ़ा लई छलखिन, जँ हुनकर दलक नेता जीत गेला तो बड़ बढ़िया नहिं त अगिला चुनाव के लेल तैयारी के लेने छलाह!! सरकार के पंच वर्षीय योजना भले फेल भे जाऊ, मुदा हुनकार आई धरि नहिं भेल छलनि, एकदम दलबदलू नेता सब जकाँ, सरकार ककरो रहनि मुदा हुनकर सीट फिक्स रहई छनि तहिना!! चुनाव अबिते मनोहर लाल जी नबका कुर्ता-पेजामा आ बंडी सियाक देब बला नेता के तकई छथि, नेता के प्रतिनिधि के सेहो हरदम संगे रह बला दू चारि टा एहन लोक चाहईते रहई छनि जाहि स भीड़ो रहई आ भरिगरो लगई। बोल बचन आ लोक सबहक ध्यान अपना दिस खिंच लेल, नेता के बड़ाई के क एकदम लोक के विश्वास दियाब बला, ताहि लेल ओ सब हुनका पर अहि तरहक खर्च करमे हिचकई नहिं छलखिन, ओहुना कोन हुनकर अपन जेबी सँ किछु जाय छलनि!! हरबेर कोनो ने कोनो नबका पार्टी बनबे करई छलई आ मनोहर लाल सनक नेता के पूछ रहिते छनि!!
जँ अहाँके मोन हुए ते अहि बेरका चुनावमे नेता बनि क देखिए लिय!!!

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