सूफी खान
मिडिल ईस्ट या वेस्ट एशिया में दो साल बाद अमन बहाल हो पाया है। हमास और इजरायल के बीच चली आ रही जंग थम गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद ये युद्धविराम हुआ है। इस युद्धविराम के साथ ही बंधकों की अदला-बदली भी शुरू हो गई है। लेकिन इस बीच हमास ने एक ऐसा खेल कर दिया, जिससे इजरायल अब फिर भड़क सकता है। दरअसल, हमास ने इजरायली बंधकों के जो शव वापस किए हैं, उनमें से एक शव किसी से मैच नहीं कर रहा है। यानी हमास ने इजरायली बंधकों के नाम पर किसी और का शव लौटा दिया है।
इजरायली मिलिट्री का कहना है कि फिलिस्तीनी वैâदियों के बदले हमास के जरिए सौंपी गई बॉडी में से एक पहले के होस्टेज की नहीं थी। मंगलवार को लौटाई गई चार बॉडी पर रातभर फोरेंसिक टेस्ट के बाद आर्मी ने कहा कि मेडिकल अधिकारियों ने यह नतीजा निकाला कि एक बॉडी किसी भी होस्टेस से मैच नहीं करती है।
इसके बाद इजरायली मिलिट्री ने चेतावनी दी कि हमास को मारे गए होस्टेज को वापस करने के लिए सभी जरूरी कोशिशें करनी होंगी। वहीं इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मांग की है कि हमास बंधकों की लाशें लौटाने के बारे में अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लाए गए सीजफायर डील में बताई गई शर्तों को पूरा करे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर हमास इसी तरह से आगे भी शर्तों को पूरा करने में कोई खेल करता है तो मिडिल ईस्ट में फिर से जंग शुरू हो सकती है। इजरायली पीएम ने कहा कि हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे और आखिरी मरे हुए बंधक को लौटाने तक अपनी कोशिशें नहीं रोकेंगे।
अमेरिका के प्रस्तावित सीजफायर प्लान में सभी बंधकों को सोमवार को खत्म हो रही डेडलाइन तक सौंपने की बात कही गई थी। लेकिन डील के तहत अगर ऐसा नहीं होता है, तो हमास को मरे हुए बंधकों के बारे में जानकारी शेयर करनी थी और जल्द से जल्द सभी को सौंपने की कोशिश करनी थी।
हमास के एक प्रवक्ता ने कहा कि ग्रुप सीजफायर डील में तय हुए बंधकों की लाशें लौटाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने इजरायल पर पूर्वी गाजा शहर और इलाके के दक्षिणी शहर राफा में गोलीबारी करके डील तोड़ने का आरोप लगाया। वहीं इजरायल के डिफेंस मिनिस्टर काट्ज ने कहा कि उनकी मिलिट्री डील में तय डिप्लॉयमेंट लाइन पर काम कर रही है और चेतावनी दी कि डिप्लॉयमेंट लाइन के पास आनेवाले किसी भी व्यक्ति को टारगेट किया जाएगा। हजारों इजरायली दफनाने के लिए जा रहे होस्टेज की बॉडीज के प्रति सम्मान दिखाने के लिए सड़कों पर खड़े हो गए हैं और इजरायली झंडों के साथ चुपचाप खड़े रहे।
