मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : गोल्ड मैडल से सूंघी कोकीन

आउट ऑफ पवेलियन : गोल्ड मैडल से सूंघी कोकीन

अमिताभ श्रीवास्तव

नशा आदमी को अंधा बना देता है। चाहे फिर सफलता का नशा हो या दौलत का या फिर अर्श से गिरकर फर्श तक आ जाने का सफर हो। अब देखिए न, सर ब्रैडली विगिंस जो साईकीलिंग की दुनिया के बादशाह रहे, उनका समय बदला तो ऐसे बदला कि सारी बादशाहत खत्म हो गई और वो नशे की दुनिया में जा पहुंचे। उन्होंने स्वीकार किया है कि वो नहीं जानते कि वे अब तक कैसे जिंदा हैं, नशे की लत के कारण वो ओलिंपिक स्वर्ण पदक के साथ कोकीन सूंघते थे। महान साइकिल चालक ने बताया कि अपनी सेवानिवृत्ति के बाद वे कई वर्षों तक अधिकांश समय नशे में ही रहे। विगिंस २०१२ में टूर डी फ्रांस जीतनेवाले पहले ब्रिटिश खिलाड़ी बने थे और इसके बाद उन्होंने लंदन ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीता। यह उनका पांचवां मौका था जब वे किसी खेल के पोडियम के शीर्ष पर पहुंचे थे। लेकिन छह साल बाद वह कोकीन की लत की गिरफ्त में आ गए, जिसके कारण उनकी शादी टूट गई और जीवन लगभग बर्बाद हो गया। अपनी पुस्तक ‘द चेन’ के विमोचन के मौके पर उन्होंने बताया कि कैसे वे दो सप्ताह तक एक होटल में छिपे रहे और कोकीन का सेवन करते रहे। यह पूछे जाने पर कि उनकी मृत्यु कैसे नहीं हुई, विगिंस ने जवाब दिया, ‘मुझे नहीं पता। मैं इसके बारे में सोचना पसंद नहीं करता।’ विगिंस ने पिछले वर्ष अपने दिवालियापन होने की घोषणा की थी क्योंकि उनके पास पैसा नहीं बचा था। वह मिडल्सब्रो के एक  क्रैकहाउस में रहने लगे और क्लैफम कॉमन में अपनी कार और पार्क की बेंचों पर सोते थे।
चुंबन ने किया
डोप टेस्ट में फेल
यह अपने आप में ऐसा पहला मामला है कि किसी टेनिस खिलाड़ी का डोप टेस्ट नेगेटिव आया हो और उस पर बैन लगा दिया गया हो, जबकि उसने कोई ड्रग नहीं ली थी सिवाय एक लड़की के साथ चुंबन के। जी हां, टेनिस खिलाड़ी गोंकालो ओलिवेरा ने डोप टेस्ट में फेल होने का विचित्र कारण बताया, जिसे अंतर्राष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी द्वारा चार वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया है। ३० वर्षीय गोंकालो ओलिवेरा पिछले वर्ष नवंबर में मैक्सिको के मंजानिलो में एटीपी चैलेंजर प्रतियोगिता में भाग लेते समय ड्रग टेस्ट में असफल रहे थे। एथलीट द्वारा दिए गए ‘ए’ और ‘बी’ दोनों नमूनों की जांच करने पर मेथैम्फेटामाइन के लिए सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। परीक्षणों के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। पुर्तगाल में जन्मे वेनेजुएला के खिलाड़ी ने दावा किया कि इस दवा की मौजूदगी चुंबन का परिणाम हो सकती है। एथलेटिक की रिपोर्ट के अनुसार, ओलिवेरा ने अपने मामले में गवाह का बयान देने के लिए एक महिला को बुलाया, जिसका नाम गुप्त रखा गया है। उसने गवाही दी कि दोनों ने ‘चुंबन’ तब किया जब उसने एक गोली खा ली थी, जिससे उत्साह, उत्तेजना, आत्मविश्वास और उस क्षण ऊर्जा और खुशी की बढ़ी हुई अनुभूति हुई। एक चुंबन के कारण डोप टेस्ट में फेल होने का यह पहला मामला है। अब जो हो, चुंबन इतना गहरा लिया गया था कि लड़की की दवा का असर टेनिस खिलाड़ी के शरीर में भी जा पहुंचा। (लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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