मुख्यपृष्ठस्तंभऋतुचक्र : गउवां आ जा बालमा

ऋतुचक्र : गउवां आ जा बालमा

सुरेश मिश्र

बिहार में चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। मगर यूपी में भी धीरे-धीरे चुनावी बुखार चढ़ रहा है। यहां विधानसभा का नहीं, परधानी के लिए चुनावी कमर कसी जा रही है। पतिदेव मुंबई कमाने गए हैं। पत्नी ने पतिदेव को फोन किया कि मुंबई में इतने दिनों तक कमाकर कुछ नहीं कर पाए, जबकि गांव में प्रधान बने लोग भी दो तल्ला घर और चार पहिया गाड़ी खरीद लिए हैं। उसने कहा गांव में वोटर लिस्ट में नाम शामिल किए जा रहे हैं। जल्दी से गांव आ जाइए, अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराकर चुनाव लड़ने की तैयारी करिए-
वोटर लिस्टिया म सबके परत हउवे नउवां,
गउवां आ जा बालमा
अबकी लड़ि ल्या तू चुनउवां…
गउवां आ जा बालमा
खेतिया खतम कइ गइ
सगरी नील गइया,
घरवा चलाई कइसे,
ननदी के भइया,
पइसा क तंगी केतनी,
ई सब जानत हउवा
गउवां आ जा बालमा
अबकी लड़ि ल्या तू चुनउवां…
गाउं-गांउ पहरा बाटइ
फिर भी होला चोरिया,
ड्रोनवा क दहशत,
बाटइ चारिउ ओरिया,
चोरवा उधिराइल
न बचेला पलरी-झउवा
गउवां आ जा बालमा
अबकी लड़ि ल्या तू चुनउवां…
परधानी जीतले पे
बाटइ खुब कमाई हो,
जेकरा क देखा
सगरे बंदगी बजाई हो,
नन्हें बाबू कहल जालें
रहिलेन जे नन्हकउवा
गउवां आ जा बालमा
अबकी लड़ि ल्या तू चुनउवां…
पीएम अवास होई
चाहे प्रâी क बिजली,
दुवरे खड़ंजा आई
उज्ज्वला भी तब मिली,
नमवा कराइ लेबइ
बंजर अउ तलउवा
गउवां आ जा बालमा
अबकी लड़ि ल्या तू चुनउवां…
जे भी परधान हउवें
बनवइं दुइ-दुइ तल्ला,
गाड़ी बुलेरो आइल
जे रहल निठल्ला,
तोहरा क बार-बार
धरत बानी पउवां,
गउवां आ जा बालमा
अबकी लड़ि ल्या तू चुनउवां…
गउवां आ जा बालमा

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