-दिल्ली रवाना हुए एकनाथ शिंदे
-केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जा सकते हैं शिंदे गुट के कुछ मंत्री
-खराब प्रदर्शन से नाराज केंद्र
-नए चेहरों को मिल सकता है मौका
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के समाप्त होते ही राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में शिंदे गुट की अपेक्षाओं को बड़ा झटका लग सकता है। विशेष रूप से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्री बनाए जाने की संभावनाएं फिलहाल न के बराबर बताई जा रही हैं। ऐसे में केंद्र को मनाने के लिए एकनाथ शिंदे कल रात ही दिल्ली रवाना हो गए। उनका यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नंदनवन बंगले पर हुई बैठक में श्रीकांत शिंदे को केंद्र में मंत्री न बनाए जाने की संभावनाओं को लेकर एकनाथ शिंदे के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दी। इस दौरान बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार के साथ-साथ महाराष्ट्र में लंबे समय से लंबित मंत्रिमंडल विस्तार और विभिन्न महामंडलों में नियुक्तियों पर भी चर्चा हुई। यह भी माना जा रहा है कि राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल कर खराब प्रदर्शन वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है और उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
फिलहाल राजनीतिक हलकों की नजर अब दिल्ली में होने वाली बैठकों पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में शिंदे गुट को अपेक्षित प्रतिनिधित्व मिलेगा या फिर श्रीकांत शिंदे को मंत्री पद न मिलने से एकनाथ शिंदे को बड़ा राजनीतिक झटका लगेगा। साथ ही महाराष्ट्र में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं।
बेटे को मंत्री बनाने की कोशिश
बताया जाता है कि कल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने नंदनवन बंगले पर पार्टी के सभी वैâबिनेट मंत्रियों की अहम बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद वह दिल्ली रवाना हो गए, जहां केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार और महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति पर शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि अपने बेटे श्रीकांत शिंदे को केंद्र में मंत्री बनवाने के लिए एकनाथ शिंदे लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संपर्क बनाए हुए हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना भी की।
