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दूसरे चरण में भी भाजपा को झटका … उत्तर प्रदेश में सबसे कम मतदान

  १३ राज्यों की ८८ सीटों पर हुई वोटिंग
त्रिपुरा में सबसे ज्यादा पड़े वोट

सामना संवाददाता / मुंबई
शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ। इस बार भी कम मतदान से भाजपा को भारी झटका लगने के संकेत मिल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश के १३ राज्यों की ८८ लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश में सबसे कम मात्र ५२.६४ प्रतिशत मतदान हुआ, जो इस बात का संकेत दे रहा है कि उत्तर प्रदेश में भी भाजपा विरोधी लहर है, वहीं दूसरा हिंदी भाषी राज्य बिहार में भी मात्र ५३ फीसदी मतदान हुआ। इसके अलावा मध्य प्रदेश में ५५ फीसदी वोटिंग हुई। इन तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। यहां कम मतदान से यह संकेत मिल रहे हैं कि इन क्षेत्रों में सत्ताविरोधी लहर चल रही है। इसके अलावा एक और भाजपा शासित राज्य महाराष्ट्र में भी मात्र ५३.५१ फीसदी मतदान हुआ है, जो इस बात का संकेत है कि लोग सरकार से नाराज हैं। उधर, अन्य राज्यों की बात की जाए तो त्रिपुरा में सर्वाधिक ७७.९३ प्रतिशत मतदान हुआ, जो भाजपा विरोधी लहर का संकेत दे रहा है।
रास नहीं आ रहा हिंदू-मुसलमान का मुद्दा
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा ध्रुवीकरण करने के लिए हिंदू-मुसलमान और पाकिस्तान का मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन मतदान का कम प्रतिशत यह साबित कर रहा है कि जनता को हिंदू-मुसलमान और पाकिस्तान से कोई मतलब नहीं है। जनता बेरोजगारी और महंगाई से त्रस्त है। हाल ही में आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा था कि यदि देश में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनी तो हिंदुस्थान को पाकिस्तान बनने में देर नहीं लगेगी।
पोलिंग बूथ में घुसा
फर्जी सीबीआई अफसर
दिल्ली से सटे हापुड़ में पोलिंग बूथ से सीबीआई का फर्जी ऑफिसर पकड़ा गया। उसका इरादा बूथ में गड़बड़ी करने का था। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उसे धर लिया। दोपहर करीब १२ बजे अंकित कुमार नाम का यह फर्जी अधिकारी लालबत्ती की कार से हूटर बजाते हुए बूथ में पुहंचा था। बड़ा अधिकारी समझकर किसी ने उसे नहीं रोका। बूथ के पास जाकर उसने कार रोकी और सीधे अंदर प्रवेश करने लगा। लेकिन उसकी अनाड़ी वाली हरकतों पर सुरक्षा कर्मियों को शक हुआ। बूथ पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जब उसकी पहचान पूछी, तो वह अकड़ने लगा। वरिष्ठ अधिकारियों को भी हड़काने लगा और चाय-पानी की व्यवस्था करने का आदेश देने लगा। तभी अधिकारियों का शक उसपर गहरा गया और सीबीआई के इस फ़र्ज़ी अफसर को अरेस्ट कर लिया। सुरक्षाकर्मी जांच में लगे हैं कि उक्त व्यक्ति बूथ के भीतर किस मकसद से पहुंचा था और उसे लाल बत्ती की गाड़ी किसने मुहैया कराई।

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