सामना संवाददाता / मुंबई
महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने लगातार दो दिनों तक वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी के सबूत पेश कर चुनाव आयोग को सवालों के घेरे में ला दिया। जिसके बाद आखिरकार विपक्ष की मांग के आगे झुकते हुए चुनाव आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को मतदाता सूची में हुई गड़बड़ियों की जांच के आदेश दे दिए हैं। इससे महाविकास आघाड़ी की चुनाव आयोग के समक्ष मांग को बड़ी सफलता मिली है।
पिछले कई महीनों से राज्य में मतदाता सूची में गड़बड़ियों की बात सामने आ रही थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहली बार मतदाता सूची की गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए बार-बार महाराष्ट्र और कर्नाटक का उल्लेख किया था। इसी पृष्ठभूमि में महाविकास आघाड़ी और अन्य नेताओं ने राज्य चुनाव आयोग और केंद्रीय चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उन्होंने यह भी सबूत पेश किया कि एक ही परिवार में सैकड़ों नाम दर्ज किए गए हैं। इस पर महाविकास आघाड़ी के नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में आयोग के अधिकारी निरुत्तर दिखाई दिए। अब मुख्य चुनाव आयुक्त एस. चोकलिंगम ने महाराष्ट्र के सभी जिलाधिकारियों को मतदाता सूचियों की जांच के आदेश दिए हैं। एक ही विधानसभा क्षेत्र में एक महिला का नाम दो स्थानों पर वैâसे दर्ज हुआ, इसकी जांच की जाएगी। जिन अधिकारियों की गलती साबित होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चुनाव अधिकारी ने जिलाधिकारियों को जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। दिवाली के कारण संभव है कि यह पूरी रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आ जाए। रिपोर्ट आने के बाद जिन विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाए थे, उन्हें उसकी प्रति दी जाएगी।
