महिला डॉक्टर ने वीडियो कॉल पर किया मार्गदर्शन
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ का रोमांच हकीकत बन गया, जब एक युवक ने रेलवे स्टेशन पर ही महिला की डिलीवरी कराकर उसकी और नवजात की जान बचाई। यह अद्भुत घटना राम मंदिर रेलवे स्टेशन की है, जहां ‘रैंचो’ ने मानवीय संवेदना और हिम्मत का सबसे बड़ा उदाहरण पेश किया। रात के वक्त महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी, जिसे अस्पताल ने भर्ती करने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं एंबुलेंस भी वक्त पर नहीं पहुंची। ऐसे में युवक ने अपनी डॉक्टर मित्र को वीडियो कॉल किया और डॉक्टर ने लाइव गाइडेंस दिया। युवक ने उसी के निर्देशों पर महिला की सफल प्रसूति करवाई। फिलहाल, जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं और मुंबई समेत पूरा महाराष्ट्र अब इस वास्तविक ‘रैंचो’ की बहादुरी को सलाम कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने इस घटना का एक वीडियो साझा किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जानकारी के अनुसार, उस बहादुर युवक का नाम विकास बेंद्रे है, जो कर्जत तालुका के सुपे गांव का रहने वाला है। बुधवार रात वह मुंबई लोकल ट्रेन से सफर कर रहा था, जब राम मंदिर रेलवे स्टेशन पर उसने एक महिला को प्रसव पीड़ा से तड़पते देखा। उसने तुरंत वहीं उतरकर उसकी मदद के लिए दौड़ लगाई। जब वह पहुंचा, तब महिला की हालत गंभीर थी। बच्चा आधा बाहर आ चुका था और बाकी पेट के अंदर था। उसने मदद के लिए कई डॉक्टरों को फोन किया। लेकिन एंबुलेंस पहुंचने में समय लग रहा था। ऐसे में महिला की जान को खतरा बढ़ रहा था। इससे पहले महिला के परिवारवालों ने उसे पास के एक अस्पताल ले जाने की कोशिश की थी। लेकिन वहां प्रसव कराने से मना कर दिया गया था। आखिरकार, विकास ने अपनी एक डॉक्टर मित्र को फोन किया। उसने वीडियो कॉल पर महिला की स्थिति देखी और विकास को कदम-दर-कदम निर्देश दिए। विकास ने उसके बताए अनुसार, परिस्थिति संभाली और महिला की सफल डिलिवरी करा दी। फिलहाल मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
विकास ने नहीं मानी हार
इस घटना पर बोलते हुए रोहित पवार ने कहा कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र सुपे के निवासी विकास बेंद्रे ने बिना किसी चिकित्सकीय अनुभव के एक परेशान गर्भवती महिला की जान बचाई और उसकी सुरक्षित प्रसूति कराई। वह मुंबई लोकल से सफर कर रहा था जब राम मंदिर स्टेशन पर उसने उस महिला को प्रसव वेदना में तड़पते देखा। आसपास कोई डॉक्टर नहीं था और अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी मौजूद नहीं थी। लेकिन विकास ने हार नहीं मानी। उसने अपनी डॉक्टर मित्र को वीडियो कॉल पर बुलाया और उसके निर्देशों के अनुसार, महिला की डिलिवरी सफलतापूर्वक कराई।
