राजेश सरकार / प्रयागराज
उत्तर प्रदेश के आपराधिक इतिहास में हलचल मचाने वाले 14 निर्दोष लोगों की हत्या का आरोपी राजा कोलंदर उर्फ रामनिरंजन कोल की रिहाई फिलहाल अटक गई है। उम्रकैद की सजा काट रहे राजा कोलन्दर को दो अन्य मामलों में आजीवन कारावास की सजा होने के कारण उसकी रिहाई फिलहाल सम्भव नहीं है। इंसानी खोपड़ी का सूप बनाकर पीने वाले रामनिरंजन कोल उर्फ राजा कोलंदर की रिहाई उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूर की है। मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने सितंबर माह की 4 तारीख को रिहाई का आदेश भी जारी कर दिया था। आदेश में उत्तर प्रदेश प्रिजनर्स रिलीज ऑन प्रोबेशन एक्ट 1938 की धारा-2 और संबंधित नियमों का हवाला दिया गया है। लेकिन दो अन्य मामलों में आजीवन कारावास की सजा होने के कारण उसकी रिहाई अटक गई है। वर्तमान में प्रयागराज जिले के नैनी का यह निर्दयी हत्यारा उत्तर प्रदेश के उन्नाव जेल में सजा काट रहा है। सेंट्रल जेल नैनी के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक एक ही मामले में उसकी रिहाई का आदेश जारी हुआ है। ऐसी परिस्थिति में वह जेल में ही बन्द रहेगा। इसबीच राजा कोलंदर के रिहाई की मंजूरी की खबर सोशल प्लेटफार्म पर वायरल होने पर प्रयागराज के दिवंगत पत्रकार धीरेन्द्र सिंह के बेटे संदीप सिंह ने कहा है कि कोलन्दर केवल उसके पिता का ही हत्यारा नहीं बल्कि कई अन्य बेकसूरों की नृशंस हत्याएं उसने की है। ऐसा अपराधी किसी भी तरह की दया का पात्र नहीं हो सकता। उसे फाँसी की सजा होनी चाहिये।
शंकरगढ़ का निवासी है कोलंदर राजा कोलंदर
प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के हिनौती गांव का रहने वाला है। केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी नैनी में कर्मी था। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होने के बावजूद वह खुद को राजा ही समझता था। उसका कहना था कि जो आदमी उसे पसंद नहीं उसे वह अपनी अदालत में सजा जरूर देता है। अजीब सोच के कारण कोलंदर ने अपनी पत्नी का नाम फूलन देवी और दोनों बेटों का नाम अदालत और जमानत रखा था। जबकि बेटी का नाम आंदोलन रखा था। उसकी पत्नी फूलन देवी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थी। उस पर 14 लोगों की नृशंस हत्या का आरोप है। प्रयागराज में पत्रकार धीरेंद्र सिंह चर्चित हत्याकांड में वर्ष 2012 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा पांच महीने पहले लखनऊ में भी एक अन्य दोहरे हत्याकांड और अपहरण मामले में आजीवन कारावास का दंड दिया गया था।
25 से ज्यादा वर्षों से जेल में है बन्द
राजा कोलन्दर 25 वर्षों से ज्यादा समय से जेल में बन्द है। जेल सूत्रों के मुताबिक़ उसने अबतक 27 वर्ष से ज्यादा सजा काट ली है।उसकी रिहाई की मंजूरी नौ शर्तो के साथ दी गई थी। शासनादेश के अनुसार उसका बेटा नवीन कुमार अभिरक्षक रहेगा और शर्तों के उलंघन पर कोलन्दर को फिर से जेल भेजा जाएगा। उसे कारागार प्रशासन ने निवास, रोजगार और आचरण से संबंधित सभी नियमों का पालन करना जरूरी बताया था। कारागार प्रशासन ने राजा कोलन्दर को लाइसेंस पर सशर्त रिहाई की अनुमति दी थी। किसी भी शर्त के उलंघन पर राज्य सरकार लाइसेंस रद्द कर उसे जेल भेज सकती थी। लेकिन अब उसकी रिहाई अटकने से शर्तो का कोई आशय नही रह गया।
दिवंगत पत्रकार के परिवार को है नाराजगी
राजा कोलन्दर के रिहाई आदेश की खबर से दिवंगत पत्रकार धीरेन्द्र सिंह के परिजन में गहरी नाराजगी है। उनके बड़े भाई वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि 14 दिसम्बर 2000 को पत्रकार धीरेन्द्र की हत्या के बाद पुलिस ने राजा कोलन्दर की निशानदेही पर कई मानव कंकाल बरामद किए थे। खोपड़ियों भी उसके फॉर्म हॉउस से बरामद हुई थी। जिसने 14 लोगो की बेरहमी से हत्या की,उसकी रिहाई समाज के लिये गलत संदेश होती। उन्होंने रक्षामंत्री, राज्यपाल,मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर रिहाई की मंजुरी के आदेश पर पुनर्विचार की माँग की है।
पत्नी और एक बेटे का हो चुका है निधन
दिवंगत पत्रकार धीरेन्द्र सिंह की पत्नी नीना सिंह और छोटे बेटे राहुल का निधन हो चुका है।परिवार में अब एक बेटा संदीप और एक बेटी नेहा है। नेहा की शादी हो चुकी है और बेटा संदीप अपने पैतृक गाँव शंकरगढ़ के बसहरा में खेती किसानी करता है।दिवंगत पत्रकार के भाई वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि धीरेन्द्र सिंह की हत्या के छह महीना बाद ही उनकी पत्नी नीना की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। परिवार आज भी उस दर्द से उबर नही सका है।
