सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा पूरी तरह जातिवादी और विभाजनकारी पार्टी है। भाजपा का उद्देश्य देश में समाज में फूट डालना और धर्म व जाति के आधार पर राजनीति करना है। इन लोगों ने धर्म का इतना विष बो दिया है कि आज सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों पर जूता फेंकने जैसी घटनाएं हो रही हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य देश का और क्या हो सकता है। इस तरह का जोरदार वार करते हुए कांग्रेस के पूव& प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि यह सरकार मतों से नहीं, बल्कि बेईमानी से बनी है।
नाना पटोले ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाओं के पीछे इनकी ही विचारधारा और संस्कारों का असर है। उन्होंने कहा कि देश के मुख्य न्यायाधीश पर हुए घिनौने हमले की निंदा की जानी चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई ठोस कार&वाई नहीं की। आरोपी के खिलाफ कोई मामला दज& नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी, मोहन भागवत और भाजपा के वरिष्ठ नेता क्यों मौन धारण किए हुए हैं, क्योंकि यह कृत्य उनके माध्यम से ही संभव हुआ। पटोले ने भाजपा पर संविधान और न्याय व्यवस्था पर हमला करने का प्रयास करने और लोकतंत्र को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया। इसके अलावा नाना पटोले ने महायुति सरकार पर भी जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता के मतों से नहीं, बल्कि बेईमानी से बनी है। चुनाव के दौरान किसानों को कज&माफी का आश्वासन दिया गया, लेकिन सत्ता में आने के बाद यह सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में किसानों की आत्महत्याएं बढ़ रही हैं और कज& का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है। पटोले ने कहा कि भाजपा और महायुति दोनों ही किसान विरोधी हैं।
सहकारिता मंत्री पर भी बरसे पटोले
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटील ने कहा था कि लोगों को कज&माफी का चस्का लग गया है। हमें चुनाव जीतना है इसलिए चुनाव में कुछ आश्वासन देते हैं। इस पर नाना पटोले ने मंत्री पर बरसते हुए कहा कि जो लोग सत्ता पाने के लिए किसानों को आश्वासन देते हैं, वही अब कह रहे हैं कि उन्हें चस्का लग गया है। उन्होंने इसे अत्यंत शम&नाक और किसान विरोधी बयान करार दिया। उन्होंने कहा कि महायुति द्वारा दिया गया घोषणा पत्र फजी& था।
