रामदिनेश यादव / मुंबई
महानगर मुंबई के आसपास के शहरों में आवाजाही के लिए इन दिनों ट्रैफिक की बड़ी समस्या सामने आ रही है। खासकर, मुंबई अमदाबाद हाइवे पर, यहां एक घंटे के सफर के लिए लोगों को ८ से ९ घंटे लग जाते हैं। जनता की इस तकलीफ से एक दिन पहले खुद राज्य की महायुति सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री भी गुजरे। पुलिस ने उन्हें रॉन्ग साइड से भी निकालने का प्रयास किया, लेकिन उसके चलते ट्रैफिक और बढ गया। यहां तक कि अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए उन्होंने विरार से सफाले तक रो-रो सेवा ली। फिर भी घोडबंदर से पालघर जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लगभग ९ घंटे का वक्त लग गया। ट्रैफिक की पीड़ा ने मंत्री को झकझोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और यहां तक कह दिया कि अगर ऐसे ही ट्रैफिक रहेगा तो किसी दिन जनता सड़क पर उतरकर आग लगा देगी। बुधवार को पालघर जिलाधिकारी कार्यालय में जिला नियोजन समिति की बैठक आयोजित की गई थी।
इसमें शामिल होने के लिए मंत्री गणेश नाईक सुबह ६ बजे घर से निकले, लेकिन वे घोडबंदर से वसई के बीच ट्रैफिक जाम में फंस गए। आखिरकार उन्होंने विरार से सफाले तक रो-रो जल परिवहन सेवा का सहारा लिया और करीब ९ घंटे में वे बैठक स्थल पर पहुंचे।
५०० लोगों की हो चुकी है मौत, भडके मंत्री
मुंबई-अमदाबाद हाइवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या अब रोजमर्रा की बात हो गई है। इस हाईवे पर अब तक हुए ५०० निर्दोष लोगों की मौत और रोजाना लगनेवाले जाम से परेशान लोग एक दिन सड़क पर उतरेंगे, ऐसी आशंका पालक मंत्री और वन मंत्री गणेश नाईक ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब मैं खुद ट्रैफिक जाम में फंसा था तो जनता के चेहरों पर मैंने स्पष्ट रूप से गुस्सा और नाराजगी देखी। बैठक के बाद गणेश नाईक ने महामार्ग पुलिस विभाग के पुलिस अधीक्षक और मीरा-भायंदर पुलिस आयुक्तालय के उपायुक्तों से वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के जरिए चर्चा की। कहा कि अगर लोगों का यह आक्रोश फूटा तो कई चीजें तहस-नहस हो सकती हैं।
रॉन्ग साइड से निकले मंत्री तो जनता का फूटा गुस्सा
सोशल मीडिया पर पालक मंत्री के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई। विरार में दौरे के बाद पालघर निकले उनके काफिले को पुलिस विपरीत दिशा से निकलवाने की कोशिश की, लेकिन इस वजह से मुंबई की ओर सुचारू रूप से चल रही ट्रैफिक सेवा फिर से ठप पड़ गई। इस घटना से नाराज यात्रियों ने सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देते हुए अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कीं।
