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पीएम मोदी के पुराने मित्र की जमीन पर भाजपा विधायक ने किया कब्जा!

-‘लोक दरबार’ में शिकायत से मचा हड़कंप…मेहता बोले, ‘किसी भी जांच के लिए तैयार’

सुरेश गोलानी / मुंबई

मीरा-भायंदर शहर में आए दिन जबरन जमीन कब्जा करने के कई मामले सामने आते हैं। इनमें से कुछ हिंसक रूप ले चुके हैं, जिनके चलते जानलेवा हमले और कई हत्याएं भी हो चुकी हैं। कल गुरुवार को भायंदर में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा आयोजित ‘लोक दरबार’ में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अपने आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने मित्र होने का दावा करने वाले ८१ वर्षीय अजगर अली वोरा ने अपने एक सहयोगी के माध्यम से भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की पारिवारिक मिलकियत वाली ‘सेवन ईलेवन कंपनी’ और सोहम डेवलपर्स द्वारा उनकी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया। इस मामले में विधायक मेहता ने आरोप को फर्जी बतते हुए किसी भी जांच के लिए तैयार होने की बात कही।
दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा
शिकायतकर्ता वोरा के अनुसार, भायंदर-पूर्व के इंद्रलोक इलाके में उन्होंने ४० वर्ष पहले जमीन (सर्वे क्रमांक २४०) खरीदी थी। आरोपों के अनुसार, सेवन इलेवन कंपनी और सोहम डेवलपर्स ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी भूमि अभिलेख स्वामित्व में अपना नाम दर्ज करवा लिया। विभिन्न सरकारी विभागों में लगातार फॉलो-अप और न्यायिक संघर्ष के बाद राजस्व विभाग ने भूमि अभिलेख (सातबारा) में से नाम तो हटा दिए, लेकिन दर्जनों की संख्या में शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने प्रत्यक्ष रूप से जमीन से अतिक्रमण को हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

ऑन कैमरा आरोप
यह आरोप मंत्री के अलावा, मनपा आयुक्त, पुलिस अधिकारी और तहसीलदार सहित कई विभागप्रमुखों की मौजूदगी में ऑन-कैमरा लगाया गया।

कब्जे की जमीन से मनपा ने दो बार अतिक्रमण हटाया!
भायंदर में खुद को पीएम मोदी का पुराना मित्र बतानेवाले अजगर अली वोरा ने परिवहन मंत्री के ‘लोक दरबार’ में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है। लोक दरबार में मौजूद मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि उनके विभाग द्वारा दो बार अतिक्रमण हटाया गया और बिजली सप्लाई कंपनी के साथ पत्र व्यवहार करके आपूर्ति खंडित करने के लिए निवेदन भी किया गया।
इस मामले में इन आरोपों को झूठा, बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित होने का दावा करते हुए भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने कहा कि, ‘जमीन दो परिवारों की थी, जिसका आधा हिस्सा हमने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए खरीदा है। मैं किसी भी प्रकार के जांच का सामना करने के लिए तयार हूं।’
‘बदनाम करने की साजिश’
सरनाईक का नाम लिए बिना विधायक नरेंद्र मेहता ने दावा किया कि विरोधी बोगस शिकायतकर्ताओं को बुला-बुलाकर अर्जी देने का दबाव बनाकर मुझे बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
स्पॉट विजिट के निर्देश
फिलहाल, शिकायत की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा को प्रसासकीय अधिकारियों के साथ स्पॉट विजिट करके मामले की जांच और मार्ग निकालने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले के बाद लोगों में यह चर्चा जोर पकड़ती जा रही है कि यदि प्रधानमंत्री के निकटवर्तीयों की जमीनें ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा की क्या गारंटी है?

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