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ट्रंप का दावा ‘टांय-टांय फिस्स’…झुकने को तैयार नहीं है ईरान… होर्मुज से गुजरे जहाज तो बरसने लगे गोले!.. हिंदुस्थानी जहाज पर भी गोलाबारी… दर्जनों शिप वापस लौटे

एजेंसी / तेहरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़बोलेपन पर ईरान ने कई गोले दाग दिए हैं। मामला होर्मुज के खुलने से जुड़ा है। ट्रंप ने परसों देर रात कहा था कि सारी बात हो गई है और ईरान ने होर्मुज खोल दिया है। मगर ट्रंप को झूठा बताते हुए कल होर्मुज से गुजरनेवाले जहाजों पर ईरान ने गोले दागने शुरू कर दिए। इसे देखकर बाकी जहाजों ने यू-टर्न ले लिया। खबर है कि इनमें से एक जहाज हिंदुस्थान का है।
बता दें कि होर्मुज की खाड़ी पर एक बार फिर बड़ा संकट आ गया है। ईरान ने शनिवार को एलान किया कि इस समुद्री रास्ते पर अब फिर से उसका सख्त सैन्य नियंत्रण लागू हो गया है। इस दौरान होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे दो जहाजों पर गोलाबारी हुई। यह खबर ऐसे वक्त में आई है जब दुनिया को उम्मीद थी कि यह रास्ता खुल रहा है।
‘टैंकर ट्रैकर’ का दावा
‘टैंकर ट्रैकर’ नाम की एक समुद्री जहाज ट्रैकिंग सेवा ने दावा करते हुए बताया कि कम से कम दो जहाजों पर जब वो होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे तब गोलाबारी हुई। यह बहुत चिंताजनक खबर है, क्योंकि इससे तेल के जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा पर सीधा खतरा है।
‘फिर से ईरानी नियंत्रण में’
शनिवार की सुबह ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता इब्राहिम जुलफागरी ने कहा कि होर्मुज की खाड़ी पर नियंत्रण फिर से पहले जैसा यानी सख्त सैन्य नियंत्रण पर वापस आ गया है। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका ईरानी जहाजों पर अपनी पाबंदियां नहीं हटाता, यह खाड़ी इसी तरह बंद रहेगी। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने भी यही कहा कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर व्यापारिक जहाज को ईरानी नौसेना से इजाजत लेनी होगी।
‘होर्मुज पर अमेरिका की नाकेबंदी ‘समुद्री लूट’ है!’
ईरान ने अमेरिका की होर्मुज पर नाकेबंदी को ‘समुद्री लूट और चोरी’ कहा है। ईरान का कहना है कि अमेरिका उसके जहाजों को जाने नहीं दे रहा इसलिए ईरान भी दूसरे देशों के जहाजों को रोक रहा है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि यह इतिहास में तेल सप्लाई का सबसे बड़ा संकट है। हर दिन एक करोड़ से ज्यादा बैरल तेल अटका हुआ है। दुनिया की गैस सप्लाई में २० फीसदी की कमी आ गई है। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों पर पड़ रहा है।
बता दें कि १६ अप्रैल यानी गुरुवार को इजरायल और लेबनान के बीच एक अलग सीजफायर हुआ था, जिसमें अमेरिका ने मदद की थी। इसके बाद ईरान ने थोड़े समय के लिए होर्मुज की खाड़ी को खोला था। शनिवार को आठ तेल के जहाजों का एक काफिला इस रास्ते से गुजरा भी। कई जहाज मालिकों को उम्मीद थी कि इस सीजफायर की आड़ में वो अपने जहाज निकाल पाएंगे।

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