मुख्यपृष्ठग्लैमर‘महावतार परशुराम’ को लेकर बोले निर्देशक- अधर्म के विनाश के लिए शस्त्र...

‘महावतार परशुराम’ को लेकर बोले निर्देशक- अधर्म के विनाश के लिए शस्त्र उठाना जरूरी

हिमांशु राज

निर्देशक अश्विनी कुमार ने ‘महावतार परशुराम’ के फर्स्ट लुक में दिखाई गई तीव्र हिंसा के पीछे की गहरी सोच को स्पष्ट किया है। उन्होंने इसे केवल दृश्य प्रभाव के लिए नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा के लिए आवश्यक शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया है।

क्लीम प्रोडक्शंस द्वारा हाल ही में साझा किए गए एक वीडियो में निर्देशक ने फिल्म के विचार और उसके दार्शनिक पक्ष पर विस्तार से बात की। यह प्रोजेक्ट महत्वाकांक्षी ‘महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स’ का दूसरा भाग है, जिसमें पौराणिक कथाओं को मानवीय स्वभाव और धर्म के सिद्धांतों के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।

वीडियो में अश्विनी कुमार प्रकृति और धर्म के द्वंद्व को समझाते हुए कहते हैं कि हर तत्व के दो पहलू होते हैं। उनके अनुसार, “हिंसा भी मानव स्वभाव का एक हिस्सा है। जैसे जंगल में फूलों के साथ कांटे होते हैं, हिरण सुंदर होता है लेकिन उसके सींग भी होते हैं, उसी तरह हमारे शास्त्र जितने सुंदर हैं, उतने ही हमारे पास शस्त्र भी हैं। जब धर्म पर संकट आता है, तब उसकी रक्षा के लिए शक्ति का प्रयोग आवश्यक हो जाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “कुरुक्षेत्र में श्री कृष्ण ने अर्जुन को शस्त्र उठाने के लिए प्रेरित किया था। भगवान परशुराम ने भी अधर्म के विनाश के लिए कई बार युद्ध किया। ये प्रसंग केवल प्राचीन इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज के समय में भी उनकी प्रासंगिकता बनी हुई है।”

इससे पहले ‘महावतार नरसिंह’ ने अपने भव्य दृश्य और प्रस्तुति के कारण दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। अब ‘महावतार परशुराम’ के साथ इस सिनेमैटिक यूनिवर्स को और विस्तार देने की तैयारी है।

बताया जा रहा है कि इस यूनिवर्स की फिल्मों को लेकर दर्शकों में खास उत्साह है। पिछली फिल्म के दौरान सिनेमाघरों में दर्शकों ने इसे एक आध्यात्मिक अनुभव के रूप में भी महसूस किया था।

यह फिल्म होम्बले फिल्म्स के बैनर तले बनाई जा रही है, जिसने ‘केजीएफ’, ‘सालार’ और ‘कांतारा’ जैसी सफल फिल्में दी हैं। फिल्म का निर्माण विजय किरागांदुर और शिल्पा धवन ने किया है, जबकि संगीत सैम सीएस ने तैयार किया है।

‘महावतार परशुराम’ को एक भव्य पौराणिक और दार्शनिक प्रस्तुति के रूप में देखा जा रहा है, जो धर्म, शक्ति और मानव स्वभाव के गहरे पहलुओं को दर्शाने का प्रयास करेगी।

अन्य समाचार