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तड़का : मैदान एक, जुनून एक… फुटबॉल की एकता

कविता श्रीवास्तव

कभी-कभी खेल मनोरंजन ही नहीं पूरी मानवता की साझा भाषा बन जाता है। आज दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध हैं, राजनीतिक तनाव हैं, सीमाओं पर संघर्ष है और समाज कई तरह के मतभेदों से जूझ रहा है। इन्हीं सबके बीच एक ऐसा क्षण आएगा, जब करोड़ों नहीं, अरबों लोग अपनी सारी असहमतियों, भाषाओं, धर्मों और सरहदों को कुछ घंटों के लिए भूल जाएंगे। वह क्षण है फुटबॉल विश्व कप का फाइनल। रविवार की रात अमेरिका के मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। कोई अर्जेंटीना के लिए दुआ कर रहा है, कोई स्पेन की जीत का सपना देख रहा है। मैच के ९० मिनट तक एक खेल भावना ही सभी को जोड़े रखेगी। खेल का मैदान किसी पासपोर्ट या सीमा को नहीं पहचानता। एक गोल होते ही टोक्यो से लेकर मुंबई, ब्यूनस आयर्स से लेकर मैड्रिड और काहिरा से लेकर लंदन तक लोग एक साथ उछल पड़ते हैं। अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग एक ही भावना साझा करते हैं। यही खेल की असली शक्ति है, जो एकता का पुल बनाता है। इस बार के फाइनल में एक तरफ अनुभव, धैर्य और लियोनेल मेसी का जादू है, तो दूसरी ओर स्पेन की युवा ऊर्जा, तेज रफ्तार और आधुनिक फुटबॉल की नई सोच। अर्जेंटीना ने बड़े मुकाबलों का अनुभव और मानसिक मजबूती दिखाते हुए यहां तक का सफर तय किया है, जबकि स्पेन ने अपने सामूहिक खेल और बेखौफ अंदाज से दुनिया को प्रभावित किया है। अब इंतजार केवल विजेता को देखने का है। सोशल मीडिया पर करोड़ों लोग एक ही हैशटैग के साथ जुड़े हैं। वैâफे, स्टेडियम, घर, दफ्तर और सड़कों पर सिर्फ एक ही चर्चा है, कौन बनेगा विश्व विजेता? यह शायद दुनिया का इकलौता ऐसा आयोजन है, जहां अरबों लोग एक ही समय पर एक ही घटना को जीते हैं। यही वजह है कि फुटबॉल को दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल कहा जाता है। भारत में भले क्रिकेट का दबदबा हो, लेकिन विश्व कप फाइनल की रात यहां भी लाखों लोग देर रात तक जागते हैं। क्योंकि फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं, भावनाओं का उत्सव है। यहां आखिरी सीटी बजने तक कोई भविष्यवाणी मायने नहीं रखती। एक गोल, एक शानदार बचाव, एक प्रâी-किक या पेनाल्टी शूटआउट कुछ सेकंड पूरी दुनिया की कहानी बदल सकते हैं। जब मैच समाप्त होगा, तब एक टीम ट्रॉफी उठाएगी, आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठेगा और करोड़ों लोग जश्न मनाएंगे। दूसरी टीम की आंखों में निराशा होगी, लेकिन यही खेल का सबसे सुंदर पक्ष है, यह हार को भी अगली जीत की प्रेरणा बना देता है। आज जब दुनिया कई मोर्चों पर बंटी हुई दिखाई देती है, तब फुटबॉल हमें याद दिलाता है कि इंसानों को जोड़ने के लिए हमेशा राजनीति की नहीं, कभी-कभी सिर्फ एक गेंद, एक मैदान और खेल की सच्ची भावना ही काफी होती है। शायद यही विश्व कप की सबसे बड़ी जीत है।

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