सामना संवाददाता / ठाणे
ठाणे के मोघरपाड़ा इलाके में फैले ४३५ एकड़ (१७६ हेक्टेयर) हरित क्षेत्र में मेट्रो लाइन ४ के लिए कार शेड बनाने के प्रस्ताव पर राज्य सरकार विचार कर रही है। इस जमीन का इस्तेमाल अब तक खेती के लिए किया जाता रहा है, लेकिन अब इसे मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए आरक्षित करने की योजना है। राज्य के नगरविकास विभाग ने इस संबंध में २० मार्च को अधिसूचना जारी कर सार्वजनिक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। अंतिम निर्णय इन्हीं प्रतिक्रियाओं के बाद लिया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, मूल रूप से यह कार शेड ठाणे के ओवाले में बनना था, लेकिन वहां बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का विरोध हुआ। इसके पहले आरे कॉलोनी में मेट्रो ३ का कार शेड बनाए जाने पर भी जबरदस्त विरोध हुआ था। इसी कारण ओवाले की जगह अब मोघरपाड़ा को चुना गया है, जहां पेड़ों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। यह जमीन संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान और घोडबंदर रोड के पास स्थित है। यह राज्य सरकार की संपत्ति है, लेकिन वर्तमान में १६७ पट्टाधारकों द्वारा कृषि कार्य के लिए उपयोग में लाई जा रही है। सरकार इन पट्टाधारकों के लिए एक मुआवजा योजना पर काम कर रही है।
मेट्रो ४ की जानकारी
मेट्रो लाइन ४ एक ३२ किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो मुंबई के वडाला को ठाणे के कासरवडवली से जोड़ेगा। इसमें कुल ३२ स्टेशन होंगे और अब तक ८० फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पहले यह लाइन २०२४ तक शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे २०२६ तक चालू करने का लक्ष्य है।
किसके लिए होगा कार शेड?
मोघरपाड़ा में प्रस्तावित कार शेड न सिर्फ मेट्रो लाइन ४, बल्कि इसकी आगे की एक्सटेंशन लाइनें-मेट्रो ४ ए (कासरवडवली से गायमुख), मेट्रो ११ (वडाला से जनरल पोस्ट ऑफिस) और अन्य प्रस्तावित मेट्रो रूट्स को भी सेवाएं देगा। सरकार का कहना है कि बची हुई जमीन का उपयोग मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा आवासीय या व्यावसायिक उपयोग के लिए किया जाएगा।
