सुरेश गोलानी / मुंबई
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिंदे गुट में ऑल इज नॉट वेल की स्थिति बनी हुई है। दोनों गुटों के नेताओं के बीच विवाद अक्सर सामने आता रहता है। अब तो दोनों गुटों के बीच चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस बार मीरा-भायंदर के भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के इस्तीफे की मांग की है।
गौरतलब है कि विधायक नरेंद्र मेहता जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते हैं, उन्होंने सरकार को लिखे अपने पत्र में प्रताप सरनाईक के इस्तीफे की मांग रखी है। ज्ञात हो कि शिंदे गुट के जिलाप्रमुख राजू भोईर और भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप जैन ने अपने-अपने पत्रों के माध्यम से क्रमश: विधायक नरेंद्र मेहता और मंत्री प्रताप सरनाईक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे।
मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे पत्र में मेहता ने कहा है कि इन सभी आरोपों की एक बार अच्छे से जांच-पड़ताल कर सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ये जरूरी है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सरनाईक अपने मंत्री पद का त्याग करें।
हकीकत जनता के सामने आए
उन्होंने लिखा है कि पद का त्याग करने के बाद वे अपने रसूख और पद के दुरुपयोग से जांच प्रभावित नहीं कर पाएंगे। इससे उन पर लगाए गए आरोपों की हकीकत जनता के सामने निष्पक्ष रूप से आएगी। महाराष्ट्र सरकार में एक साथ सत्ता में विराजमान होने के बावजूद महायुति के दोनों घटक-भाजपा और शिंदे गुट के विधायक और स्थानीय नेता आपस में रोज भिड़ रहे हैं।
