सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ ही राकांपा में भी फूट पड़ी थी और अजीत पवार भाजपा के साथ चले गए थे। इसके बाद दादा को पक्ष और चिह्न मिल गया था। इन दोनों दलों में फूट, पक्ष का नाम और चिह्न को लेकर देश के सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। इन सबके बीच पिछले कुछ दिनों से राकांपा अजीत पवार गुट और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के साथ आने की चर्चाओं को बल मिला है। इस पर शरद पवार ने खुद ही बयान देते हुए कहा है कि दोनों राकांपा के एक साथ आने के बारे में मुझे कुछ भी पता नहीं
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले एक साक्षात्कार के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने यह जानकारी दी थी कि पार्टी के भीतर उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ जाने को लेकर एक मतप्रवाह (विचारधारा) है। इसके चलते चर्चाओं को जोर मिला। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि इस एकीकरण का अजीत पवार गुट के सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने विरोध किया है। दोनों ओर से दावे-प्रतिदावे किए जा रहे हैं, लेकिन अब शरद पवार ने इस संबंध में कहा है कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
