सामना संवाददाता / राजस्थान
राजस्थान के झुंझुनू स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने मंगलवार को एक साल पुराने चर्चित दुष्कर्म मामले में फैसला सुनाया। जज इसरार खोखर की अदालत ने मुख्य आरोपी रिहान खान को 20 वर्ष के कठोर कारावास और विभिन्न धाराओं के तहत कुल एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य आरोपियों रिजवान और मोहम्मद सम्मी को बरी कर दिया।
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी रिहान खान पिछले कई महीनों से पीड़िता के मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क में था। दोनों के बीच महज छह महीनों में 226 घंटे से अधिक बातचीत हुई थी। पीड़िता नाबालिग होने के कारण रिहान की मीठी बातों और झांसे में आ गई तथा उस पर अंधा विश्वास करने लगी।
सात जुलाई 2025 को पीड़िता मुकुंदगढ़ कस्बे में कॉलेज में परीक्षा का फॉर्म भरने आई थी। इसी दौरान आरोपी रिहान ने उसके विश्वास का फायदा उठाया। वह उसे एक गाड़ी में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना का खुलासा तब हुआ, जब मौके से गुजर रहे राकेश नामक एक राहगीर की नजर गाड़ी पर पड़ी। राकेश ने हिम्मत दिखाते हुए अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बना लिया और विरोध दर्ज कराया। इस दौरान रिहान के साथी रिजवान और मोहम्मद सम्मी मौके पर पहुंचे तथा राकेश से झगड़ा कर गाड़ी लेकर फरार हो गए। हालांकि, राहगीर राकेश द्वारा बनाया गया वीडियो आरोपी की करतूत का अहम साक्ष्य बन गया।
घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता ने अपनी मां को पूरी आपबीती बताई। इसके बाद आठ जुलाई 2025 को मुकुंदगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया गया।
पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र भांबू की पैरवी इस मामले में निर्णायक रही। उन्होंने अदालत के समक्ष राहगीर द्वारा बनाया गया वीडियो, 226 घंटे की कॉल डिटेल तथा फॉरेंसिक जांच में गाड़ी की पिछली सीट से मिले पीड़िता के सिर के चार बालों सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। 29 गवाहों के बयान और 93 साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने रिहान खान को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
मामले में अदालत द्वारा बलारां निवासी रिजवान और मोहम्मद सम्मी को बरी किए जाने के फैसले पर पीड़िता के परिजनों ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर करेंगे। परिजनों के अनुसार, मोहम्मद सम्मी की इस पूरी वारदात में सीधी मिलीभगत थी। उसने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर योजना बनाई थी और वारदात के समय मौके पर भी मौजूद था।
