मुख्यपृष्ठटॉप समाचारसरकार को सुध नहीं...मुंबई पर २६/११ जैसा खतरा... समुद्री सीमाएं फिर असुरक्षित!

सरकार को सुध नहीं…मुंबई पर २६/११ जैसा खतरा… समुद्री सीमाएं फिर असुरक्षित!

– इस बार समुद्री मार्ग से आया तस्करी का डीजल

-पाकिस्तान फिर उठा सकता है फायदा

फिरोज खान / मुंबई

मुंबई पर एक बार फिर २६/११ जैसा खतरा मंडरा रहा है। इसका कारण समुद्र में चलनेवाली अवैध गतिविधियां। दरअसल, भाउचा धक्का और कर्नाक बंदर स्थित गोदी में इन दिनों खतरनाक खेल चल रहा है। यहां डीजल तस्करी का खेल जारी है। अब इसी खेल में आतंकी साजिश नजर आने लगी है। सही वक्त पर अगर पुलिस ने डीजल तस्करी करनेवाले माफियाओं की बोट को पूरी तरह बंद नहीं किया तो इसका फायदा उठाकर पाकिस्तानी आतंकी विस्फोटक लेकर मुंबई में एक बार फिर घुस सकते हैं।
बोट में खुफिया स्टोरेज
तेल माफिया बोट में खुफिया स्टोरेज टैंक बनाकर रखते हैं ताकि चोरी का डीजल या अन्य सामान तक पुलिस की नजर नहीं पड़े। यह एक तरीके से अवैध और डेंजरस मामला है, क्योंकि मुंबई में अब तक हुए आतंकी हमले और ९३ सीरियल ब्लास्ट के लिए इस्तेमाल किया गया आरडीएक्स समुद्र के रास्ते ही मुंबई पंहुचा था और लाने वालों को यह खबर तक नहीं थी कि अपने बोट में वे क्या ला रहे हैं।
तीन तस्कर दबोचे गए
यलोगेट पुलिस ने मुंबई के समुद्र में एक बोट सहित तीन आरोपियों को पकड़ा है और लाखों रुपए की चोरी का डीजल पकड़ा है। मामले के जानकार बताते हैं कि बात सिर्फ चोरी के डीजल तक सिमित नहीं है, क्योंकि जिस तरह से डीजल माफिया बीच समंदर में विदेशी जहाजों से चोरी का डीजल लेते हैं, वह बेहद खतरनाक स्थिति है।
तेल माफियाओं के बीच हो चुका है टकराव!
सूत्र बताते हैं कि ठीक इसी तरह तेल तस्करी के खेल में भी हो सकता है। पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को पकड़ा है वे सिर्फ मोहरा हैं, जबकि मास्टर माइंड दूसरे हैं। सूत्र बताते हैं पहले तेल माफियाओं का सरगना मोहम्मद अली और चांद मदार थे। दोनों के बीच डीजल स्मगलिंग में वर्चस्व जमाने के लिए टकराव हुआ और १५ सितंबर २०१० को चांद मदार की हत्या कर दी गई। उसके बाद जून २०१६ में मोहम्मद अली की भी मौत हो गई। सूत्र बताते हैं कि दोनों के मरने के बाद अब मुंबई के समुद्र में जिन लोगों ने डीजल स्मगलिंग का धंधा हाथ में लिया है, उनका कनेक्शन अंडरवर्ल्ड से है। यही बात काफी घातक साबित हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि समुद्र में स्मगलिंग का डीजल लेने के लिए दर्जनों बोट पंहुचती हैं। चोरी का डीजल देने वाले सभी जहाज विदेशी होते हैं, ऐसे में चोरी का डीजल लेने की आड़ में विस्फोटक मुंबई पंहुच सकते हैं। एक संस्था ने मुबंई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर तेल माफियाओं तक पंहुचकर कार्रवाई करने की बात कही है, ताकि तेल के खेल पर रोक लग सके और मुंबई पर किसी भी खतरे का अंदेशा खत्म हो सके। यलोगेट पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चेतन राठौड ने बताया कि कार्रवाई में १४ हजार लीटर चोरी का डीजल जब्त किया गया है, जिसकी कीमत १२ लाख ६० हजार है और तीन आरोपियों को पकड़ा गया है।

अन्य समाचार