फिरोज खान / मुंबई
गोरेगांव-पूर्व में आयोजित एक रेव-स्टाइल म्यूजिक कॉन्सर्ट में नशे का ओवरडोज लेने से दो एमबीए स्टूटेंड्स की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार दो छात्रों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनके मुताबिक, ड्रग्स माफिया मुफ्त ड्रग्स और कमीशन का लालच देकर कई छात्रों को ही ड्रग्स सप्लाई करने वाला एजेंट बना दे रहे हैं। इससे उन्हें ड्रग्स उपलब्ध होने के साथ पॉकेट मनी भी मिल जाती है।
ड्रग्स माफिया ऐसे छात्रों के संपर्क में आते हैं, जो दूसरे राज्यों से मुंबई पढ़ाई के लिए आते हैं और पीजी (पेइंग गेस्ट) या हॉस्टल में रहते हैं। यहां रहने वाले स्टूडेंट्स ज्यादातर खर्चीले होते हैं और उन्हें पैसों की ज्यादा जरूरत होती है।
ट्रिपल डोज ने ली थी जान
जांच में पता चला है कि उन छात्रों ने जोश में एक्स्टसी ड्रग्स का ट्रिपल डोज ले लिया था, जिसके चलते उनकी तबीयत खराब हुई और बाद में मौत हो गई। मरने वाले दो छात्रों में एक लखनऊ का और दूसरा दिल्ली का रहने वाला था। दोनों दक्षिण मुंबई के जाने-माने बिजनेस स्कूल में पढ़ रहे थे और एक हॉस्टल में रह रहे थे।
कई कॉलेजों में पैâला है धंधा
छात्रों ने बताया कि ड्रग्स माफियाओं का जाल एक दो नहीं, बल्कि शहर के कई प्रतिष्ठित कालेजों तक पैâला हुआ है। वहां आसानी से ड्रग्स मिल जाती है। ये ड्रग्स एजेंट छात्र ही दूसरे छात्रों को बेचते हैं।
सप्लाई चेन से हुई थी ‘एक्स्टसी’ की डिलिवरी!
११ अप्रैल को गोरेगांव-पूर्व के कॉन्सर्ट में कथित तौर पर ड्रग्स का ओवरडोज लेने के बाद दो स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी। उनका एक क्लासमेट बच गया और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि तीनों २५ स्टूडेंट्स के एक ग्रुप का हिस्सा थे, जो टेक्नो म्यूजिक कॉन्सर्ट में शामिल होने वहां गए थे। इस इवेंट में करीब ३,००० से ४,००० लोग आए थे, जिनमें से कई कॉलेज स्टूडेंट्स थे। जांच में पता चला कि सिंथेटिक पार्टी ड्रग ‘एक्स्टसी’ की सप्लाई एक चेन के जरिए की गई थी, जिसकी शुरुआत कल्याण के एक संदिग्ध पेडलर से हुई थी।
पूछताछ के दौरान पता चला कि पेडलर कई छात्रों के संपर्क में था और उनके जरिए डार्क वेब से माल मंगवाकर दूसरे छात्रों तक डिलिवरी करवाता था। पुलिस के मुताबिक, पेडलर ने इवेंट से एक दिन पहले एक छात्र को ड्रग सप्लाई की थी, जिसने इसे दूसरों तक पहुंचाया। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी ने पहले भी अन्य छात्रों को ड्रग्स सप्लाई की थी, जिससे पता चलता है कि यह एक पुराना लिंक है। जांच करने वालों ने पाया कि कुछ स्टूडेंट्स ने वेन्यू में घुसने से पहले ही ड्रग ले लिया था। ड्रग्स असर कम महसूस होने पर टैक्सी के अंदर एक और ड्रग्स का डोज लिया था और बाद में कॉन्सर्ट के दौरान तीसरी और डोज लिया। देर शाम तक तीनों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और वे गिर पड़े। पुलिस ने कहा कि कुछ छात्र पहले भी बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स जैसे इलाकों में हुए इवेंट्स में शामिल हुए थे, जहां पर ड्रग्स लिए गए थे।
‘उड़ता पंजाब’ की तरह ‘डूबता महाराष्ट्र’ का पाप कर रही महायुति सरकार!
प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। ड्रग्स माफिया के ड्रग्स का जाल शहरों से निकलकर गांव-गांव तक फैल चुका है, जो महाराष्ट्र की युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। गुजरात के कांडला बंदरगाह से महाराष्ट्र तक फैले ड्रग्स कॉरिडोर के जरिए यह जहर राज्य में आ रहा है। सियासी संरक्षण के कारण ही ‘उड़ता पंजाब’ की तरह ‘डूबता महाराष्ट्र’ बनाने का पाप महायुति सरकार ने किया है। महाराष्ट्र की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने वाली इस सरकार को जनता कभी माफ नहीं करेगी। इस तरह के गंभीर आरोप लगाते हुए विपक्ष ने जोरदार हमला बोला है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर ड्रग्स कारोबार को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन स्थितियों को जनता समझ रही है और वह महायुति को कतई माफ नहीं करेगी। दूसरी तरफ बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर फडणवीस पर निशाना साधते हुए उनसे गृह मंत्री पद छोड़कर पूर्णकालिक गृहमंत्री नियुक्त करने की मांग भी तेज हो गई है।
सीएम की है यह विफलता
सपकाल ने कहा कि मुंबई के नेस्को परिसर में पुलिस स्टेशन के सामने ही ड्रग्स और शराब की पार्टी होना क्या दर्शाता है? यह पुलिस प्रशासन, गृह मंत्री तथा मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस की विफलता है। उनके कार्यकाल में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
शिंदे के रिश्तेदार के खेत में ड्रग्स की फैक्ट्री
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के रिश्तेदार के खेत में ड्रग्स की फैक्ट्री चल रही थी। इसमें सांसद श्रीकांत शिंदे के हस्तक्षेप से पकड़े गए आरोपियों को छोड़ दिया गया और मामला दबा दिया गया। यदि ड्रग्स जैसे गंभीर मामले को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है तो यह युवा पीढ़ी को नशे की ओर धकेलने जैसा है। वास्तव में, ड्रग्स मामलों में कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।
