मुख्यपृष्ठसमाचारगीता जीना ने गांव में जगाई आत्मनिर्भरता की नई रोशनी

गीता जीना ने गांव में जगाई आत्मनिर्भरता की नई रोशनी

नैनीताल। पहाड़ों के बीच बसे भीमताल ब्लॉक के चोपड़ा गांव की एक साधारण महिला ने अपने हौसले और मेहनत से असाधारण मिसाल कायम की है। गीता जीना ने ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यक्रम (REAP) के तहत सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि पूरे गांव के लिए रोजगार और सुविधा का नया रास्ता खोल दिया है।

परियोजना के अंतर्गत गीता जीना को 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिली, जिसके आधार पर उन्होंने अपना सिलाई केंद्र स्थापित किया। इसके अलावा 50,000 रुपये बैंक से ऋण के रूप में और 20,000 रुपये स्वयं के अंशदान से उन्होंने अपने उद्यम को मजबूत आधार दिया। कुल मिलाकर एक लाख रुपये की लागत से खड़ा हुआ यह छोटा सा केंद्र आज गांव की आर्थिक धुरी बनता जा रहा है।

पहले चोपड़ा गांव के करीब 300 परिवारों को कपड़े सिलवाने के लिए लगभग 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। इससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। लेकिन अब गीता जीना के प्रयासों से यह समस्या खत्म हो गई है। गांव और आसपास के लोग अब स्थानीय स्तर पर ही सिलाई सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

गीता जीना की मासिक आय अब लगभग 30,000 रुपये तक पहुंच गई है, जो ग्रामीण परिवेश में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। खास बात यह है कि वह केवल खुद तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में गीता जीना का यह कदम एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। उनका यह प्रयास दिखाता है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और थोड़ी सी आर्थिक मदद से गांव की महिलाएं भी अपने सपनों को साकार कर सकती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

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